“जीना-मरना, मरना-जीना, ये तो सब ईश्वर का खेला, नेकी की बस राह चलें हम, ये दुनिया तो है इक मेला।। रोज ही होते नये तमाशे, कठपुतली सा नाच-नचाते, इतनी कठिन डगर जीवन की, हर आदमी लगे अकेला।। उसकी रहमत सब पर बरसे, यही दुआ हम करें हमेशा, सुख-दुःख की है […]
उज्जैन। विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ (विश्वविद्यालय) भागलपुर ने उज्जैन में होने वाले अपने दो दिवसीय 13-14 दिसम्बर 2018 को 22 वाँ दीक्षान्त सारस्वत समारोह में जनपद चन्दौली (उत्तर प्रदेश) ग्राम मैढ़ी के मूल निवासी अवधेश कुमार ‘अवध’ को उनके दो दशकीय हिंदी साहित्य सेवा, स्वतन्त्र पत्रकारिता एवं अहिंदी भाषी पूर्वोत्तर भारत […]
