देखो बारिश हो रही,मेरा दिल खो रहा है। कोई कुछ तो मुझे समझाए,मुझे क्या हो रहा है।। तेरी आँखों में मेरा दिल खो गया है। मेरा चैन जा रहा है, मुझे प्यार हो रहा है।। कोई कुछ तो मुझे समझाये,मुझे क्या हो रहा है।। परी हो तुम या हो कोई […]
ज़ख्म अपने दिल पे बेशुमार खा गया, मैं आदमी पहचानने में मार खा गया, ========================== चला था भरोसे का कारोबार करने मैं, जिसपे किया भरोसा कारोबार खा गया, ========================== बच्चे मेरे इक शाम को तरसते ही रहे, दफ्तर मेरा सारे मेरे इतवार खा गया, ========================== नींद नहीं आती मुझको रात-रात […]
