आरव बड़ा अफसर था।  उसके अधीन कई कर्मचारी कार्यरत थे। एक बार उसे ऊपर से आदेश मिला कि इस वर्ष अच्छा प्रदर्शन करने वाले 10 कर्मचारियों की सूची बनाएँ , जिन्हें सम्मानित किया जायगा । आरव ने उसके कार्यालय में हमेशा दिखने वाले वैसे लोगों को चयन समिति का सदस्य […]

माँ का दूसरा रूप ब्रह्मचारिणी का है ,जिसका शाब्दिक अर्थ है -‘ब्रह्मा का-सा आचरण करने वाली’। ‘ब्रह्मा’ का एक अर्थ तपस्या भी है, इसलिए ब्रह्मचारिणी को ‘तपश्चरिणी’ भी कहा जाता है । प्रतीक के रूप में इनके बाएँ हाथ में कमंडल और दाहिने हाथ में जप की माला दी गई […]

है,प्रित जहाँ की मैं बात वहाँ का करता हूँ,  हिन्दुस्तान  का रहने वाला हूँ हिन्दी में बात करता हूँ । लोग मुझे जो  कहे  प्रवाह नही मुझे कुछ और नही,बस हिन्दी में , बात करना आता है । अंग्रेजी,चीनी,रुसी,है बिदेशी इनकी  बात मैं क्यो करु हमारी प्रिय भाषा है,हिन्दी मैं […]

जम्मू | डोगरी एवं हिंदी भाषा के युवा बाल साहित्यकार,  लघुकथाकार, कथाकार, कवि, आलोचक,लेखक, अनुवादक, भाषाविद्, सांस्कृतिककर्मी एवं समाजसेवी यशपाल निर्मल को उनके साहित्यिक योगदान के लिए तथागत कला-संस्कृति संस्थान, इटावा, सिद्धार्थनगर , उत्तर प्रदेश की ओर से अंतर्राष्ट्रीय तथागत सृजन सम्मान 2018 से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। […]

कोई बुरे शब्द जो बोले उस पर ध्यान देना नहीं स्तिथि गर बिगाड़ना चाहे उसके बहकावे में आना नहीं शांत चित्त गर बने रहे यही विजय का आधार होगा परमात्म चिंतन करते रहो इससे सुख अपार होगा वयर्थ से जितना बचोगे उतने स्थिर मन बन जाओगे जीवन सरल हो जाएगा […]

1. मत की ताकत है बड़ी,समझ लेय मन माय। एक  वोट  से  हार  हो , उनसे  पूछो  जाय।। 2. ईंट एक से एक जुड़,बने महल आकार। एक एक मत से बने ,प्रजातंत्र सरकार।। 3. भावुकता में मत करो ,कभी यार मतदान। बिना विचारे फैसला ,होती खुद  की हान।। 4. उंगली […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।