नवरात्रि का आया प्यारा पावन त्यौहार, आओ पूजे माँ के नो रूपो को बारंबार, माँ दुर्गे को जिस तीसरे  रूप पूजा जाता है, वो रूप माँ का चंद्रघंटा कहलाता है, माँ चंद्रघंटा का नाम ही है अपने आप मे विशेष, चंद्र शब्द का अर्थ है अपने मन के घटते बढ़ते […]

चंद्रमा की तरह शीतल मस्तिष्क घंटे की तरह मधुर स्वर सात्विक । कंचन-सी कायाधारी माँ चंद्रघटा देती संदेश कार्य करों परमार्थिक ।। माता का तृतीय स्वरूप माँ चंद्रघंटा करती सारे कार्यसिद्धि माँ चंद्रघंटा । चढावें जो दूध,पुष्प, अक्षत,कमुकुम करें उसकी अनुकूल सुख – संपदा ।। सारे भय को दूर करें […]

अमेरिका में चले मी टू (मैं भी) अभियान की तरह महिलाओं का अभियान अब भारत में भी चल पड़ा है। अब कई महिलाएं खुलकर बता रही हैं कि किस अभिनेता या किस संपादक या किस अफसर ने कब उनके साथ बलात्कार करने, अश्लील हरकतें करने, डरा-धमकाकर व्यभिचार करने की कोशिशें […]

दिल में हमें भी बसाकर तो देखो सीने  से  जरा लगाकर तो  देखो पलकें बिछाए खड़े  है राहों में तेरी रुख से जरा पर्दा हटाकर तो देखो मेरी आँख में है चाहत तुम्हारे लिए नजर से  नजर  मिलाकर तो देखो सँवर जाएंगे और सँवार देंगे तुम्हे भी हाले दिल हमसे […]

नौ दिन का शक्ति पर्व है,  भक्ति रस का पान करें । ध्यान साधना में जुट जाएं,    माता का गुणगान करें ।। जलाकर अलख़ विश्वास की,     मन का स्वयं उद्धार करें । पायें विजय इन्द्रियों पर अपनी,     बुराईयों का स्वयं संहार करें ।। उत्सव को […]

अपराध किसने किया ? एक अपराधी ने  गुबार राज्य पर क्यों ? द्वेष धर्म से क्यों ? दिशा से बैर का क्या कारण ? आगजनी ,हड़ताल ,मारपीट ,तालाबंदी किस लंका की उपज है ? लंकेश कौन है ? शुरुआत करने वाला आम आदमी नहीं होता  क्योंकि वह आम है उसे […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।