आओ सब मिलकर गणतंत्र दिवस मनाए , इसे विश्व का हम सबसे बड़ा गणतंत्र बनाएं, लागू हुआ था इस दिन नव निर्मित संविधान, जिसमे है नागरिकों के सब अधिकार समान, भेदभाव की इसमें कहीं कोई नहीं है नीति, चाहे हो वह किसी प्रकार की भी हो नीति। दिल्ली के राजपथ […]

तुम मुझको दो खून अपना , मै तुमको दे दूंगा आजादी | यही सुनकर देश वासियों ने, अपनी जान की बाजी लगा दी || यही सुभाष का नारा था , जिसने धूम मच दी थी | इसी विश्वास के कारण ही उसने हिन्द फ़ौज बना दी थी || याद करो […]

करो न गम की बाते,आंखो को यू नम न करो | रखो दिल मे तसल्ली ,यू दिल मे गम न करो || पास बैठा हूँ मै तुम्हारे,जरा मुड़ कर तो देखो | प्यार करती हो मुझको बस उसे कम न करो || अभी दम है मेरे प्यार मे,उसे मरा न […]

आओ सब मिलकर हम राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाए। अपना ज्ञान बढ़ाए साथ में दूसरों का भी ज्ञान बढ़ाएं।। बढ़ता है हमेशा ज्ञान से ज्ञान,ये कभी भी नहीं घटता। जितना दोगे ज्ञान तुम सबको,उतना ही ज्यादा बढ़ता।। बना है विज्ञान विशेष ज्ञान से,जरा संधि विच्छेद तो देखो। मिलेगा नोबल पुरस्कार तुमको,शोध […]

भोली भाली जनता की कौन सुने आवाज, नेता बहरे हो गए,प्रजतन्त्र में सभी आज | पढ़े लिखे बेकार घूम रहे,उन्हें मिले न काज , बे पढ़े मजे ले रहे ओढ़ रहे वे सत्ता का ताज | गूंगा गाता बहरा ताल लगाता सत्ता में आज , वोटो पर नोटों का राज […]

लड़ाकर तुमसे नैना,मै तो फस गई, तेरी मन मोहनी मूरत मन में बस गई। ग्रीष्म ऋतु जाकर,शरद ऋतु आ गई, तेरी प्रतीक्षा करते करते,मै तो थक गई। आ जाओ मेरे सनम,रात बहुत हो गई, जगते जगते सारी रात,यूंही कट गई। आता नहीं चैन,अब तो भीगी भीगी रातो मे, बिन घटा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।