मैं एक नारी हूं, कर्तव्य पथ पर अडिग हूं, संघर्ष पथ पर अटल हूं सुख दुःख की सांझी हूं हां मैं एक नारी हूं ‌। अपनों की खातिर, प्रीत निभाती, हर फर्ज निभाती, मुश्किलों को आसान बनाती, होकर भी ना हो पाती, हां मैं एक नारी हूं। जीवन की बलि […]

अपना देश अपना वेश फिर क्यूं अपनाएं हम विदेशी, अपना वतन,अपना स्वदेशी। विदेशी वस्तुओं का करे बहिष्कार, मिलकर स्वदेशी सामान करें स्वीकार। चीन को उसकी औकात बताए, स्वदेशी अपनाकर शान दिखाएं। चीनी बाजारों को भंग करे, अपना वतन आबाद करें। नहीं चाहिए गुड्डे गुड़ियों का साया, बनता जो विदेशी सामान […]

बेटी का दर्द। करती पूरे घर के अरमान, देखते जो आप सपने महान, अगर मैं बेटा होता। कंधे से कंधा मिलाकर चलती, फिर जिंदगी यूं झटपट दौड़ती, मन में ना रहती टीस, ना होती किसी बात की खीझ, अगर मैं बेटा होता। भर देती दामन खुशियों से, मां के आंचल […]

दिल के भेद खोलती, गहरे राज छिपाती, दर्द बयां करती, अपनों की पहचान कराती, हर कोई नहीं समझ पाता, इन आंखों की भाषा, छिपी है इनमें प्यार, मुस्कान,वफ़ा की परिभाषा। रोक रखती है न जाने कितने जज़्बात, देती हर पल अहसासो की सौगात, सुख दुःख की साथी, हर किसी को […]

कहीं छुट ना जाय, ज़रा ठहर जाओ, कहां भाग रहे,किस ओर जाना है? सृजन तो यहां है, कलियां मुस्कुराती, कोयल गीत गाती, भौंरा करता गुनगुन, धूप-छांव सुहलाती, तितली है खेलती। तो फूल भाव दिखाते, मिलने को दो-दो मन, आतुर इतराते, सुंगध आम्र बौरों की, मदरसा भर जाती और ये चिड़िया […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।