“मम्मा!  जब मैं पैदा हुई थी तो आपको अच्छा लगा था कि गंदा?” होमवर्क करते-करते दस वर्षीय रावी ने पूछा। “गंदा क्यों? घर  में सबको बहुत अच्छा लगा था, सबको एक प्यारी सी डॉल जो मिल गयी थी, दादू ने तो पूरे अस्पताल को अपनी फ़ेवरेट मिठाई खिलाई थी और […]

तन्हा उड़ रहा था वो गगन में कोई साथी न कोई हम-परवाज़ फिर भी मस्त था अपनी धुन में उड़ा जा रहा था तभी दूर फ़ज़ा में झुंड इक आवारा सा देखा उसने जी चाहा उसका सँग झुंड के घूम ले वो भी आकाश सारा फिर अचानक सोच में डूब […]

कभी-कभी ज़िन्दगी के सफर में हमें ऐसे लोग मिल जाते हैं, जिनसे मिलकर ऐसा लगता है शायद भगवान ने उन्हें हमारे लिए ही इस दुनिया में लाया है… अभी कुछ दिन पूर्व ही मुझे एक बहुत प्रतिष्ठित संस्था के साथ जुड़ने का मौका मिला जो शिक्षा के क्षेत्र में नए […]

गीता जब छुट्टियों में इस बार अपने ससुराल गई तो उसने अपने  देवर को बात-बात पर घर पर सभी पर चिल्लाते हुए पाया।ऐसा लगता था मानो बीबी और माँ पर चिल्लाए बैगर तो उसका खाना ही नहीं पचता।गुस्सैल होने के कारण ही उसने तैश में आकर  एक दिन अपनी लगी […]

“तिन्नी एक कप चाय और चार पीस ब्रेड को सेक कर रवि को दे दे। दस बज गए हैं, फिर उसके खाना खाने का समय हो जाएगा।” नीतू ने अपनी बेटी को कहा। “मम्मी! मैं नहीं बना सकती ,मैंने नेल पेंट लगाया है, खराब हो जाएगा, रोज तो देती हो […]

“आज रेखा कहाँ रह गईं?” लाइम सोडा पीते हुए अंजू बोली। कहाँ रहेगी रेखा? किट्टी पार्टी तो रेखा की जान है, ये रही रेखा,” सोफे पर बैठते हुए रेखा बोली। “ये मिठाई किस लिए?”  रेखा के हाथ में डिब्बे देख अंजू ने पूछा। “ये मिठाई तुम सबके लिए, लो मुँह […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।