“सूरा-40 अल-मोमिन,” पवित्र कुरआन को माथे से लगाते हुए उस्ताद अख़लाक़ ने कहा, “शुरू नामे-अल्लाह से। जो बड़ा ही मेहरबान और निहायत ही रहम करने वाला है। यह पवित्र कुरआन उतारी गई है, अल्लाह की तरफ से। जो ज़बरदस्त है। वह जानने वाला है। वह माफ़ करने वाला और तौबा […]

मंत्रीजी घंटा बजाकर अपने पूजागृह से एक हाथ लम्बा तिलक लगाकर बाहर आये ही थे कि उनका सहायक हाँफता हुआ उनके सामने आ गया | ‘अरे! काहे हाँफत हो… आसमान फट गया क्या?’ ‘साबजी – साब जी… बड़ा अनर्थ हो गया | जनपद में पुलिस ने बड़ी बर्बरता से बेचारे […]

आज अपनी सेवानिव्रत्ति लेकर लौटे भानुप्रसाद जी बड़े सोच में थेl दरवाज़ा खोलकर वहीं सोफे पर पसर जाते हैंl अब आगे कैसे होगा? अभी तो दो बच्चों की शादी भी नहीं हुई है और मैं सेवानिवृत्त! तभी उनकी पत्नी विमला कमरे में आ जाती हैं और कहती हैं “आज तो […]

आज की रात भी अन्य दिनों की तरह हसीन था मैं अपने नींद को लेने यु बिस्तर पे आया था ये कहानी एक अहसास है। आज हम जब 1 बजे उठे पानी पीने के लिए तो हम देखे जग में पानी नही था फिर हम गेट के खोल के पानी […]

लेखक ने एक प्रसिद्ध चोर की कहानी लिखी जिससे उसे काफी ख्याति मिली। और लोग उस लेखक को चाहने लगे। उसकी कहानियों को पढने लगे।पर यह बात चोर को मालूम नही था।अपने चाहने वालों की वजह से लेखक बहुत मशहूर हो गया और धन दौलत भी काफी जमा हो गये।चोर […]

सपना बाजार कुछ सामान लेने पहुँची। उसने दुकानदार को लिस्ट थमा दी और वो भी एक एक के समान निकालने में व्यस्त हो गया। समान देकर उसने मूल्यसूची सपना को पकड़ा दी… जब तक पैसे की लेनदेन कर सपना व्यवस्थित हुई तब तक दुकानदार ने एक पॉलीथिन थैली में समान […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।