मातृभाषाद्रोही?

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     वह कला, भाषा और संस्कृति के रंगमंच (थियेटर) पर चीख-चीख कर कह रहे थे कि डोगरी भाषा को वह स्थान नहीं मिला जिसकी वह हकदार है। जीवनभर हमारा प्रयास रहा कि मातृभाषा को सम्मान के शिखर पर ले जाऐं। जिसके लिए हमने अनेक प्रस्ताव पास किये, कठिन से कठिन संघर्ष किये, जम्मू से दिल्ली तक अकादमी के अधिकारियों की ईंट से ईंट बजा दी और आगे भी बजाते रहेंगे। रंगमंच कक्ष में तालियां की गूंज आसमान भेद रही थी। 
     अगले दिन वह महाशय कला, भाषा और संस्कृति के सचिव के पैरों में गिर कर अपने लिए साहित्य पुरस्कार की मांग कर रहे थे। 
     वाह कला पक्ष में निपुण हो, संस्कृति में भी अद्वितीय हो इसलिए "पुरस्कार" तो आपका बनता है मातृभाषाद्रोही? सचिव के मूंह से अनायास कटु व्यंग्यात्मक स्वर निकला था। 

जय हिंद जय हिंद
जय जय जय हिंद


इंदु भूषण बाली
पत्रकार

भारत के राष्ट्रपति पद का पूर्व प्रत्याशी
घर नंबर एक वार्ड नंबर तीन
डाकघर व तहसील ज्योड़ियॉ
जिला जम्मु जेके

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matruadmin

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Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।