रुड़की | दिशा शिक्षा ट्रस्ट व केंद्रीय विद्यालय संख्या एक की ओर से विश्व हिन्दी दिवस पर आयोजित कार्यक्रम मे ट्रस्ट के संरक्षक एवम् साहित्यकार श्रीगोपाल नारसन ने कहा कि हिन्दी ही एक मात्र ऐसी भाषा है जो मनुष्य के जन्म से जुड़ी है।नवजात शिशु के रुदन से निकलने वाले […]

बावन अक्षरों की है हिन्दी स्वर -व्यंजन की है हिन्दी जन्म की भाषा है हिन्दी नवजात रुदन भी है हिन्दी भारत की पहचान है हिन्दी भारतीय संस्कार है हिन्दी परमात्म भाषा है हिन्दी देवताओ की भाषा है हिन्दी ह्रदय की भाषा भी हिन्दी मौन की भाषा भी हिन्दी फेसबुक मे […]

जो चाहो ब्राह्मण बनो है बहुत ही आसान पवित्र तन और मन बना लो विकारो का हो अवसान अमृत बेला उठा करो करो परमात्मा का ध्यान परमात्म याद मे बनाओ भोजन सात्विक भोजन ही वरदान व्यर्थ संकल्प मन मे न रहे सद संकल्पों का मिले ज्ञान वाणी मे मिठास भरी […]

सदा सत्य के पथ चलो असत्य को दूर करते चलो सत्य ही विजय दिलवाएगा भाग्य सबका बनाएगा सत्य है ईश्वर की वाणी सत्य से परे खत्म कहानी सत्य को आंच आती नही अशांति मन में छाती नही सत्य तनाव भगाता है चेहरे पर आनन्द लाता है सत्य की अलख जगा […]

सामाजिक समरसता पर हावी हो गई वोटो की दरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को कानून बना कर किया बाहर भूल चुके थे जो जातीय भेद उन्हें भी याद दिला दिया प्रेम भाव से रह रहे थे जो उनमे रायता फैला दिया कभी भारत बन्द इनका है कभी भारत बन्द उनका […]

शिक्षक दिवस पर लो संकल्प शिक्षा अलख जगाने का स्कूल कोई बन्द न हो लक्ष्य हो स्कूल जाने का स्कूल से वंचित है जो बच्चे उन्हें खोज निकालो तुम शिक्षक धर्म निभाओ अपना ऐसे बच्चों को पढ़ाकर तुम चरित्र तुम्हारा हो उज्ज्वल बच्चों को प्रेरणा मिले तुमसे नई पीढ़ी के […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।