हिमाचल प्रदेश को प्रकृति ने भरपूर प्राकृतिक सुन्दरता,स्वच्छ जल,जंगल,पहाड़,नदियों और स्वच्छ परिवेश से नवाजा है। यहां वर्ष पर्यन्त किसी-न-किसी क्षेत्र में मेलों का आयोजन भी होता रहता है। यहां के २ हजार से ज्यादा प्रमुख देवस्थलों पर लोग अपनी आस्था के पुष्प अर्पित करते हैं। यहां के मेलों में कुल्लू […]

पुस्तक समीक्षा………………… ये वक्त हिन्दी ग़ज़ल के लिए इस अर्थ में बेहतर है कि आज हिन्दी ग़ज़ल आलोचना के केन्द्र में भी हैं। ग़ज़ल पर आलोचना की जितनी किताबें आ रही हैं और पढ़ी जा रही हैं,ये इस बात का प्रमाण है कि हिन्दी ग़ज़ल हिन्दी कविता की महत्वपूर्ण विधा […]

हिंदी पटकथा लेखकों की इस प्रतियोगिता में जिसके निर्णायक मंडल में हिंदी फिल्मों के बड़े नाम जुड़े हुए हैं आमिर खान सहित रोमन लिपि की लगाई गई शर्त प्रतिभागियों के लिए,हिंदी के लिए और भाषा मात्र के लिए अपमानजनक है और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यह अवैध या असंवैधानिक तो नहीं […]

शायद आप अभिमन्यु दुधराज की मदद कर सकें। आपके माध्यम से इनकी तलाश पूरी हो सके। वे १८ फरवरी २०१८ को लखनऊ पहुंचेंगे,वहाँ से समय निकालकर अपने पूर्वजों के गांव जाकर उनसे मिलना चाहेंगेl जब वे एक बार जड़ों से उखड़कर भारत से गिरमिटिया मजदूर बनकर गए तो फिर लौट […]

आज पहली बार गाँव में जीव-जन्तुओं की सुनवाई के लिए रात्रि चौपाल का विशेष आयोजन रखा गया है। समस्त क्षेत्रीय जीव-जन्तु पूरी तैयारी के साथ चौपाल पर आते हुए राजमार्गों पर दिखाई दे रहे हैं। सभी जीव-जन्तु अपने-अपने समूह में चले आ रहे हैं। जीव-जन्तुओं में शाकाहारी,मांसाहारी,उड़ने वाले,रेंगने वाले तथा […]

वाकई इस दुनिया में पग-पग पर भ्रम है। कुछ सवाल ऐसे होते हैं जिनके जवाब तो मिलते नहीं,अलबत्ता वे मानवीय कौतूहल को और बढ़ाते रहते हैं। हैरानी होती है जब चुनावी सभाओं में राजनेता हर उस स्थान से अपनापन जाहिर करते हैं,जहां चुनाव हो रहा होता है। चुनावी मौसम में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।