अवतरित हुआ अब तो, भारत का पार्थ। पृथक-पृथक मानसिकता, को देकर मात।। शपथ लेकर आया है, सुशोभित अब सिंहासन। तनिक भी क्लेश नहीं, दूर होगा अब दुःशासन ।। जागृत रही जनआकांक्षा तो, होंगे कठिन कार्य पूर्ण। जनमत की ताकत तो, अधिकार देता सम्पूर्ण।। राष्ट्र ध्वज तीन रंगो का, तीन ही […]

काली-काली हे बदरिया पिया से जा के क ह संदेशिया ऐसे में, सजन काहे हैं परदेशिया। कैसे कहू मैं काली बदरिया पिया के संदेश ना’ नाही कोई खबरिया काली काली बदरिया▪▪▪▪▪ जब जब हो, चमकत बिजूरिया तन-मन में उठत हिलोरिया काली-काली बदरिया पिया से जा के क ह संदेशिया ऐसे […]

इक्कीसवीं सदी के जननायक बुलंदियो के मार्गदर्शक बधाई है आपको दुबारा भारत के प्रधानमंत्री बनने की। आपमें वो कला है स्थिति बदलने की क्रंदन करते दीन दुखियों असमानता से जकड़े इस समाज को समानता की राह दिखाने की। सबका विकास हो सबको शिक्षा आवास स्वच्छता से अच्छे स्वास्थ्य हो जागरूकता […]

हमारे देश में मीडिया स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से काम करती है ।जहाँ तक हिन्दी की बात है यह हमारी मातृभाषा है।जो देश के सभी हिस्सो में बोली जाती है ।हिन्दी हमारी पहचान रही है ।बचपन से ही हमलोग पेपर या टीवी के समाचारो या सीरियल सिनेमा अथवा पत्रिकाओ को […]

जन-जन में जागृत हो,वृक्ष के प्रति सम्मान। धूप ताप से आराम दे,जलवायु हो समान।। सादा विचार रख के, सबका करो उपकार। पेड़ में भी प्राण है, देता लाभ हजार।। सबको है आभास यह,फिर भी मन में न विचार। साफ सफाई में मग्न हो, पेड गिराये हजार।। ———— निष्कर्ष ———- राष्ट्रवाद […]

फिसलते नीयत का बोलवाला जिधर देखो नजर आए घोटाला। सादा जीवन नेक संदेश सब चढ गए विलासिता को भेंट। स्वार्थी बोल स्वार्थी भाषण जिधर देखो मिल जाते पार्टी कोई हो सब मिल-बाँटकर खाते। जबसे आया डिजिटल इंडिया सब हैक हो जाता जब तक पता चलता शाॅपिंग हो जाता । अब […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।