इंदौर । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत संस्था मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी कवि सम्मेलन के ख्यात कवि दिनेश रघुवंशी जी को विश्व पुस्तक मेले में भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’,राष्ट्रीय महासचिव कमलेश कमल, […]

वर्धा, दि. 09 जनवरी 2020 | महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय हिंदी को विश्‍व भाषा के रूप में प्रतिष्ठित करने के लिए संचालित है। इस दृष्टि से विश्‍वविद्यालय डेढ़ दशक से विदेशी विद्यार्थियों के लिए हिंदी के अनेक पाठयक्रम संचालित कर रहा है। इनमें प्रमाण-पत्र और उपाधि पाठयक्रमों के साथ-साथ […]

युवा कवि मनोज मुसव्विर का जन्मदिन मनाया गया गोंदिया। साहित्य मंडल गोंदिया ने विगत 5 जनवरी 2020 रविवार को ओम त्रिमूर्ति भजन मंडल द्वारा संचालित संत गजानन महाराज देवस्थान, ग्रामोद्योग चौक के अतिथि कक्ष में मंडल के सक्रिय सदस्य मनोज बोरकर ‘मुसव्विर’ के संयोजन में नववर्ष 2020 के स्वागतार्थ कविगोष्ठी […]

इंदौर । हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्धता से कार्यरत संस्था मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा विश्व हिंदी साहित्य परिषद्, भारत के अध्यक्ष एवं गगनांचल के सह संपादक आशीष कंधवे जी को विश्व पुस्तक मेला, दिल्ली में भाषा सारथी सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष […]

इंदौर। हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए प्रतिबद्ध मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा हिन्दी साहित्य के नक्षत्र 95वें वर्षीय साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र जी को दिल्ली में हिन्दी गौरव सम्मान दिया गया। आपने संस्थान के प्रकल्प हिन्दीग्राम के बारे में विस्तार से जाना तथा यह भी जानना चाहा कि विश्व रिकॉर्ड […]

नई दिल्ली| लोकसभा व राज्यसभा ने दिसम्बर में स्पष्ट बहुमत से नागरिकता संशोधन विधेयक को अधिनियम बनायाl स्वाभाविक रूप से सम्पूर्ण देश में इस घटना के परिणाम देखने को मिले| विपक्षियों ने जहाँ एक ओर सरकार पर प्रक्रिया उल्लंघन जैसे अन्य गंभीर आरोप लगाये वहीं दूसरी ओर देश भर में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।