जयपुर डायरी भाग 3…… इस बार की जयपुर यात्रा के कई रंग हैं जिनमें विशेष रूप से पुष्कर और अजमेर शरीफ की यात्रा को अलग अलग कैनवास पर देखना जरूरी है… 15 जनवरी को आरंभ हुए ICETEAS के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का समापन 16 जनवरी की शाम को हो चुका था। […]

जयपुर मेरे दिल के काफी करीब रहा है… पाँचवी बार यहां आया हूँ। अनेकों यादें जुड़ी हैं इस शहर के साथ… छात्र जीवन में लिखी गई मेरी एक प्रमुख कहानी ‘एक थी निरोत्तमा’ का ताना बाना जयपुर के इर्द गिर्द ही बुना गया था। इस बार की जयपुर यात्रा के […]

पिछले 15 एवं 16 जनवरी को जयपुर में आयोजित हुए iceteas (आइसटीज) का अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन कई मायनों में महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ…इस जयपुर यात्रा के कई रंग हैं और इससे जुड़ी कई खूबसूरत यादें भी हैं जिन्हें बारी बारी से आप सबों के साथ साझा करूंगा… शुरुआत पटना से करता हूँ… […]

देश भर में स्वामी विवेकानंद की जयंती कहीं ‘युवा दिवस’ तो कहीं ‘युवा सप्ताह’ के रूप में मनायी जा रही है। उनके विभिन्न संदेश फिर से याद किये जा रहे हैं। विभिन्न कार्यक्रमों के बीच कई जगहों पर स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा भी था कि […]

चलिये नव वर्ष के मौके पर चंपारण के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए थोड़ा चिंतन करें कि विकास के इस दौर में आजादी के 71 वर्ष बाद भी हमारे सीमाई शहर रक्सौल का हाल क्या है और हम कहां हैं… आज हमें यह समझना भी जरूरी है कि विकास […]

भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी… एक ऐसा नाम जिसने भारतीय राजनीति को अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से इस तरह प्रभावित किया जिसकी मिसाल नहीं मिलती। 1975 में कांग्रेस और 1977-80 में जनता पार्टी की सरकार के दौरान उनका आगमन रक्सौल में हुआ था। उस दौरान मैं रक्सौल के हजारीमल उच्च […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।