क्यों मानें कि सपना कोई साकार नहीं होता, हम गुजरे कल की आंखों का सपना ही तो हैं।। सुनील चौरसिया ‘सावन’ संभवत: स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्र थे जब पहली बार उन्होंने मुझे काव्य सर्जना में अपना प्रथम प्रयास दिखलाया था जो गीता का भावानुवाद (श्रीकृष्णार्जुन भावधारा ) था। प्रथम […]

(गणित दिवस 22.12.20 पर विशेष) भारतीय गणितज्ञ भास्कराचार्य ने सन 1150 ईस्वी में संस्कृत के 625 श्लोकों में गणित विषय गायन विधा से सरल नवाचार जन जन तक पहुंचाया । इसी परम्परा को 870 साल बाद आगर मालवा उत्कृष्ट उ मा विद्यालय के राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक डाॅ दशरथ मसानिया ने […]

बाल एक जीवित पदार्थ है जो स्तनधारियों के शरीर पर ही पाया जाता है। यह त्वचा की बाहरी सतह से निकलने वाली एक रेशेदार संरचना है। मुड़ पैरों वाले कीड़ों में भी ऐसी संरचनाएं होती हैं जो शरीर से बाहर निकलती हैं, लेकिन उन्हें बाल नहीं कहा जाता है क्योंकि […]

इसको लिखने के लिए मुझे डाक्टर शाहिद परवेज की किताब का अध्ययन किया। जिससे मैं इस को लिखने में कामयाबी हासिल कर चुका हूं।पूरे विश्व में हरियाणवीऔर उर्दू संभवतः अकेली ऐसी भाषाएं हैं जिनके संज्ञा, सर्वनाम, क्रियापद और वाक्यरचना पूर्णतः समान होने के बावजूद उन्हें दो अलग-अलग भाषाएं माना जाता […]

राजनीति एक ऐसा खेल है जिसमें सभी खेल खुले मंचों पर कभी भी नहीं होते यह एक अडिग सच है। गाँव की राजनीति से लेकर क्षेत्र की राजनीति तक एवं प्रदेश की राजनीति से लेकर देश की राजनीति तक। सभी खेल कभी भी खुले मंचों पर नहीं होते। क्योंकि राजनीति […]

साहित्य मानवीय अभिव्यक्ति की एक उत्कृष्ट कृति है। साहित्य जो पीड़ितों की पीड़ा और समस्याओं को हल करने के लिए समाज में परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त करता है। ऐसे रचनात्मक साहित्य का प्रवाह आज कम हो गया है। जब तक प्रगतिशील आंदोलन अपने मजबूत सार में था, साहित्य और जीवन […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।