मिलता है सच्चा सुख केवल, शिव जी तुम्हारे ही चरणों में। रहे कृपा सदा तुम्हारी हम पर, और ध्यान रहे तुम्हारे चरणों में।। चाहे मौत गले का हार बने, चाहे बैरी सारा संसार बने। हम डिगे नहीं सच्चे पथ से, ये जीवन का संस्कार बने।। करे नित्य नियम से तेरी […]

छोड़ दिया मेरा साथ, मुझे संसार में भेजकर। नये दिये माँ बाप, मुझे इस संसार में..।। खूब दिया स्नेह प्यार, मेरे पालन हारो ने। क्या कुछ नहीं किया, मुझे इंसान बनाने में। अपनी रो की इच्छाएं, मेरी इच्छाओं की खातिर। और मुझे बना दिया, एक काबिल इंसान ।। छोड़ दिया […]

हिसार | नवोदित लेखकों को मंच प्रदान कराने के उद्देश्य से पिछले इक्कीस साल से चलाए जा रहे मासिक काव्य गोष्ठी कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर की प्रमुख साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था प्रेरणा परिवार की जुलाई माह की मासिक काव्य गोष्ठी स्थानीय टाऊन पार्क में संस्था निदेशक शुभकरण गौड़ की अध्यक्षता […]

छंद:- हरिगीतिका (11212) 11212 11212 11212 चुप क्यों हुए सुनते हुए तुम? बात तो हमसे करो, कल जो हुआ उसको भुलाकर, संग राह नयी चलो, दिल जो कहे तुम वो करो अब, रोज़ याद ख़ुदा करो, हर बात को दिल से लगाकर, यूँ नहीं शिक़वा करो। हमको दिखाकर ख्वाब जानम, […]

कोरोना का कहर अभी जारी है बचकर रहना ही समझदारी है ‘कुछ नही होगा ‘यह मत सोचो ‘कुछ अगर हो गया ‘तब की सोचो सावधानी बरतना अपने हाथ मे परेशानी उठाना सबके साथ मे जरूरी न हो तो बाहर न जाओ घर पर सुरक्षित जीवन बिताओ खाली समय प्रभु को […]

राष्ट्रीय आंचलिक साहित्य संस्थान(रजिं) के  तत्वधान में महा कवि सम्मेलन संपन्न हुआ ! 5 जुलाई 2020 रविवार को पूरे भारत के 86 कवियों द्वारा गुरु की महिमामंडन का अपनी रचनाओं द्वारा अलग-अलग तरीकों एवं अलग-अलग अंदाज में किया गया संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवल पाल प्रभाकर ‘दिनकर’ जी के उपस्थिति […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।