आओ तुम्हें तुम्हारे वादों में सूखी दरारें दिखाती हूँ .. वादे तुम करके भूलते हो. और उदास मैं हो जाती हूँ .. कब कहती हूँ.की तोड़ लाओ सितारे आसमान से .. मैं तो खुद सितारे टूटने के इंतज़ार में आंगन में सो जाती हूँ तुमसे तुम्हारा थोड़ा वक़्त मांगती हूँ […]

वो नन्हा सा स्पर्श जब पनपा मेरी कोख में … इक आलौकिक सी अनुभूतियों का एहसास इक प्यारा सा जब अंकुर फूटा मेरी देह में …       ..वो नन्हा सा स्पर्श            जब पनपा मेरी कोख में .. सुनो कह नहीं पाएंगे कुछ एहसास […]

तेरा मुझसे मिलना मुझे आज भी याद है निगाहों में बसा वो पहली नज़र का प्यार हाँ मुझे आज भी याद है ॥ था इक हसी इतेफाक हुई जब तुझसे मुलाक़ात प्यार करना नहीं था .. फिर भी हुआ तेरे साथ ॥ ये तो बस रूहों का था मिलाप ॥ […]

#ज़ख्म_है_तो_लाज़मी_है_दर्द_होना बेशक़ दिखते नहीँ.. #दर्दे जिग़र पे एहसासों की परत जो लगी है यादेँ हैँ तो लाज़मी है अश्कों से धोना  सूख जाते हैँ कुछ नासूर_ए_ज़ख्म   बस चंद बूँदों से धोने पड़ते हैँ     रिसते रहते हैँ ….कतारों में वो #दर्द जो लम्हों में ठहरे रहते हैँ ज़िस्मों_जाँ […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।