_हर बार महत्वपूर्ण होते है अखबार वाले-सत्तन_इंदौर। स्टेट प्रेस क्लब, मध्यप्रदेश द्वारा कवि एवं शायर मीडियाकर्मियों का कवि सम्मेलन एवं मुशायरा ‘हम भी है कमाल के’ का आयोजन रविवार को साँझी मुक्ताकाश, गाँधी हॉल में किया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कवि सत्यनारायण सत्तन, विशिष्ठ अतिथि ग़ज़लकार अजीज़ अंसारी […]

इंदौर। हिन्दी का दायरा बढ़े और राष्ट्रभाषा के अलंकरण से हिंदी सुशोभित हो इस महद् उद्देश्य से हिन्दी साहित्यकारों का एक समुच्चय, साहित्यकारों का एक लिखित संगम ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ के तत्त्वाधान में एक राष्ट्रव्यापी साहित्यकारकोश तैयार हो रहा है, जो निश्चय ही राष्ट्र की धरोहर होगा। हिंदी के साहित्यकार […]

शास.पूर्व माध्यमिक विद्यालय सरसवाही जनपद मानपुर में बसंत पंचमी पर्व पर माँ वीणावादिनी की विधि पूर्वक पूजन सम्पन्न हुई,जिसमें विद्यालय परिवार के अलावा आसपास के विद्यालय के शिक्षकों व ग्राम के वरिष्ठ नागरिक अभिभावक सम्मिलित हुये, बच्चों के उत्साह वर्धन के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम करवाये गये जिसमें बच्चों नें बढ़ […]

हिसार- शहर प्रमुख साहित्यिक संस्था प्रेरणा परिवार द्वारा स्थानीय भारत माता मन्दिर में कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता देश के महान नवगीतकार सतीश कौशिक ने की तथा बतौर विशिष्ट अतिथि सेवा निवृत्त एससी बिजली विभाग उपस्थित रहे। कुशल मंच संचालन पीपी शर्मा ने किया। […]

होशंगाबाद । नर्मदा जयंती के पावन पर्व पर रजत जयंती समारोह मना रही जिले की प्रमुख साहित्यिक संस्था शिव संकल्प साहित्य परिषद ने वरिष्ठ साहित्यकार एवं सम्पादक देवेन्द्र सोनी को “पत्रकारिता प्रदीप” सम्मान से सम्मानित किया । अलावा इनके समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे साहित्यकार पत्रकार एवं […]

गोंदिया। साहित्य सत्संग मंडल कटंगीकला,गोंदिया ने गणतंत्र दिवस निमित्त ऐ मेरे वतन के लोगों शीर्षक के अंतर्गत ग्रामीण बैंक भवन हाल में राष्ट्रीय भावनाओं से ओतप्रोत कविसम्मेलन का शानदार आयोजन किया जिसमें आमंत्रित कवियों नेअपनी विभिन्न रसों की रचनाएँ सुनाकर रसिक श्रोताओं को देशप्रेम का संदेश दिया। अध्यक्षता श्री धन्नालाल […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।