साहो एक्शन,रोमांच, रहस्य का कॉम्बो पैक, कहानी कमज़ोर लेखक- निर्देशक :- सुनीथ कलाकार:- प्रभास, शृद्धा कपूर, नील नितिन मुकेश, जैकी श्रॉफ, चंकी पांडे, मंदिरा बेदी, मुरली शर्मा, टीनू आनन्द व अन्य संगीत तनिष्क बागची, फ़िल्म 4 भाषाओ तमिल, तेलगू, कन्नड़, मलयालम, हिंदी तेलगू के अधिकार 125 करोड़ ₹ में बीके […]

दोस्तो भारत मे फ़िल्म बनाने के विषयों में एक विषय पुनर्जन्म भी रोचक रहा है क्योंकि इस विषय मे बड़ी जिज्ञासा होती है एक किरदार की पिछली ज़िन्दगी से वर्तमान ज़िन्दगी को जोड़ना और फिर उस इंसान को पिछले जन्म का याद आना उसके बाद पीछले जीवन के अधूरे काम […]

जजमेंटल हैं क्या धीरे धीरे फ़िल्म उतर गई दिल मे निर्देशक :- प्रकाश कोवेलामुदी लेखक :- कुनिका ढिल्लन संगीत :- तनिष्क बागची छायांकन :- पंकज कुमार निर्माता :- बालाजी पिक्चर्स कलाकार :- कंगना, राजकुमार, जिमि शेरगिल, अमायना दस्तूर, सतीश कौशिक,नुसरत भरुचा, विक्रांत मेस्सी, ऋषिता भट्ट,हुसैन दलाल, समय :- 1घण्टा 57 […]

सुपर 30 बलिहारी गुरु अपने गोविंद दियो बताय लेखक-निर्देशक विकास बहल पटकथा फरहाद सामजी अदाकार ऋतिक रोशन, मृनाल ठाकुर, पंकज त्रिपाठी, नन्दिश संधू, आदित्य श्रीवास्तव, वीरेंद्र सक्सेना संगीत अतुल अजय, जिलियस पैकीयम फ़िल्म से पहले लघु चर्चा :- दोस्तो स्कूल समय मे गणित एक ऐसा विषय था जिसका नाम आते […]

आर्टिकल 15 वसुदेव कुटुम्बकम पर प्रहार निर्देशक:- अनुभव सिन्हा, लेखक:- गौरव सोलंकी, अनुभव सिन्हा अदाकार:- आयुष्मान खुराना, जीशान अय्यूबी, कुमुन्द मिश्रा,रूनीजीनि चक्रवर्ती, नासेर, मनोज पाहवा संगीत:- अनुराग सेकिया फ़िल्म से पहले जिस देश के आदर्श श्रीराम जी ने शबरी वनवासी के झूठे बैर खाकर यह संदेश दिया हो कि सब […]

फिल्म की वास्तविक कहानी:-शुरुआत से   फिल्म एक सीन के साथ शुरू होती है जहां एक आदमी और औरत बिस्तर पर सो रहे हैं और पीछे से समुद्र की तेज़ लहरों की आवाज़ आ रही है। इन्हीं लहरों की आवाज़ के साथ हम कबीर सिंह की तूफानी ज़िंदगी में एंट्री […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।