वतन ए हिन्द को हम प्यार करते है देनी पड़ी जान तो जान निसार करते है छुड़ा देते है छक्के भी दुश्मनों के गोलियों की हम बौछार करते हैं बुलंद हौसले वाले डरते नहीं है हम तूफानों को भी साहस से पार करते है जाति धर्म का हम भेद नही […]
r वक्त-ए-आखिर तुझमें मुझमें फर्क क्या रह जाएगा, ना रहेगा कोई छोटा, ना बड़ा रह जाएगा, =============================== काम आएँगी वहां बस अपनी-अपनी नेकियां, मान-इज़्ज़त महल-दौलत सब पड़ा रह जाएगा, =============================== सीख लूँ खुदगर्ज़ियाँ मैं भी ज़माने से मगर, इंसानियत से फिर क्या मेरा वास्ता रह जाएगा, =============================== फर्क ही इतना […]
