हिन्दी प्रतिष्ठापन के लिए हरियाणा सरकार के मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर को पत्र लिखा गया हैl इसका विषय-हरियाणा सरकार के मंत्रालयों,विभागों,कार्यालयों,संगठनों आदि की ‘वेबसाइटें’ हिन्दी में न होकर अंग्रेजी में होना बताया है। वैश्विक हिन्दी सम्मेलन की तरफ से डॉ.महेशचन्द्र गुप्त(मुख्य परामर्शदाता) ने शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास का २७ जुलाई का […]

पन्द्रह जून को सदा, शाला उत्सव जान। माथे तिलक लगाइए,शारद का हो गान॥ पुस्तक दीजे हाथ में,खीर-पूरी भी साथ। गुरु-शिष्य मिल बांचिए,ले के पुस्तक हाथ॥ मास जुलाई लागते,गणवेशा सिलवाय। काम पूरा कीजिए, कहते हैं  कविराय॥ मास अगस्ता मध्य में,लो झंडा फहराय। खीर-पूरी का भोज दे,सभी पेट भर खाय॥ सितंबरा में […]

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मैं हूँ एक किसान का बेटा शहर को क्या करने जाऊंगा, सुख-दुख सब सहकर मैं जननी जन्मभूमि की सेवा में जीवन अपना लगाऊंगाl मैं हूँ एक किसान…ll सुने हैं चर्चें मैंने भी शहरों के, करते हैं नौकरी मर-मर के चाहे हो त्योहार या बीमार, छोड़ के अपना घर-परिवार दिवस रोज […]

गरीब की आंखें पथराई-सी, देख रही है झोपड़ी में न खाने के लिए आटा, न पहनने को कपड़ा न मां की दवाई, न बहन का रिश्ता न भाई की पढ़ाई, और फटी-सी साड़ी में जीवनसंगिनीl खिलौने न होने पर बिलखते बच्चे, इतना देखा ही था के इन आंखों से बहने […]

वरेण्य मातृभूमि की प्रचंड पुण्यभूमि की अखंड साधना करें। कश्मीर में प्रभुत्व शान्ति सौम्यता के भाव हों ये भावना करें॥ हिन्दुत्व का प्रभाव हो,प्रचार हो प्रसार हो न कि दुष्प्रचार हो। कश्मीर है अभिन्न अंग देश का समग्रता से मन में ये विचार हो॥ माँ भारती के ताज में न […]

गुंडों का शहर देख रहे हैं, मज़लूमों पे कहर देख रहे हैं। आतंक का साया पसरा हुआ, बाबागिरी का असर देख रहे हैं। दहशत में है इंसान यहां, आगजनी की खबर देख रहे हैं। संत अब संत नहीं बहुत, बुरी है बहुत नजर देख रहे हैं। खौफ से सहमा हुआ […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।