कविकुल के गौरव और पूर्व प्रधानमंत्री पं. अटल बिहारी वाजपेयी जी ने लिखा है कि ‘भारत केवल एक भूमि का टुकड़ा नहीं बल्कि जीता–जागता राष्ट्रपुरुष है’ अर्थात् स्पष्ट तौर पर भारत के भारत होने का कारण यहाँ की संस्कृति,यहाँ के संस्कार और यहाँ की विरासत है। भारत की ताक़त, भारत […]

हाँ! मैं राजेन्द्र माथुर हूँ। मालवा भूमि पर 7 अगस्त, 1935 को मध्य प्रदेश के धार जिले में जन्म हुआ, प्रारंभिक शिक्षा धार, मंदसौर एवं उज्जैन में हुई। उच्च शिक्षा के लिए इंदौर आ गया, जहाँ मेरे पत्रकारिता जीवन की शुरुआत हुई। ‘नई दुनिया’ के संपादक राहुल बारपुते जी से […]

विधि संबंधित जानकारियों का गुलदस्ता किराये के उद्देश्य के लिए इन घरों की अनुपलब्धता के मुख्य कारणों में से एक राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के मौजूदा कानून हैं जो किराए पर लेने को हतोत्साहित करते हैं क्योंकि जमींदारों और किरायेदारों के बीच विवादों की बहुत संभावना थी। रहने के […]

भारत त्योहारों का देश है, यहाँ हर त्योहार का अपना अलग महत्व है और ऐसे ही महत्त्व के बीच जब कोई त्योहार प्राकृतिक पूजन और सांस्कृतिक समन्वय आधारित हो, वह अपने आप में राजतिलक हो जाता है। इसी तरह प्रकृति से जुड़ा त्योहार हरियाली तीज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष […]

कहानी-संग्रह ‘मोहरबंद’ विमोचित कहानी में नई सोच को स्थान दें युवा रचनाकार- श्रीमती सोलंकी इन्दौर । शहर के नवनिर्वाचित महापौर श्री पुष्यमित्र भार्गव ने आह्वान किया है कि ‘अपनी-अपनी मातृभाषा में अधिकाधिक संवाद करें, इससे मातृभाषा के विकास और विस्तार को गति मिलेगी। अपने हस्ताक्षर हिन्दी में करें।’ श्री भार्गव […]

आई टी इंजीनियर श्रुति पंवार का कहानी संग्रह है ‘मोहरबंद‘ इन्दौर । हिन्दी कहानी के सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जन्म जयंती के अवसर पर मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा आयोजित ‘प्रेमचंद स्मृति प्रसंग’ में रविवार को युवा रचनाकार श्रुति अखिलेश पंवार के कहानी संग्रह ‘मोहरबंद’ का विमोचन एवं चर्चा का आयोजन […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।