आशिकी 

Read Time2Seconds
sunita upadhyay
प्यार का है बोलबाला हर गली में,
आशिकी कब इस जमाने में छिपी है।
नाचती है मौत चौराहे…नगर में,
बीच हर बाजार दुर्घटना…घटी है।
इश्क आशिक को लगा करता सभी कुछ,
प्यार में पड़ के नजर किसकी हटी है।
जब मुसीबत में समझ आए न रस्ता,
मौत उसको तो लगे प्यारी बड़ी है।
जी सकें तो चैन से जी लें अभी सब,
आखिरी हो क्या पता कोई घड़ी है।
जो किसी के काम आए आप देखो,
फिर खुशी सबसे बड़ी सबको मिली है।
जब अकेले में मिले हैं दो… जबां,
फिर कमी तो मौन की उनको खली है॥
#सुनीता उपाध्याय `असीम`
परिचय : सुनीता उपाध्याय का साहित्यिक उपनाम-‘असीम’ है। आपकी जन्मतिथि- ७ जुलाई १९६८ तथा जन्म स्थान-आगरा है। वर्तमान में सिकन्दरा(आगरा-उत्तर प्रदेश) में निवास है। शिक्षा-एम.ए.(संस्कृत)है। लेखन में विधा-गजल, मुक्तक,कविता,दोहे है। ब्लॉग पर भी लेखन में सक्रिय सुनीता उपाध्याय ‘असीम’ की उपलब्धि-हिन्दी भाषा में  विशेषज्ञता है। आपके लेखन का उद्देश्य-हिन्दी का प्रसार करना है। 
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

कफ़न बांध चलते हैं जवान...

Wed Jan 10 , 2018
हाथों में तिरंगा ले के चलते हैं जवान, जान हथेली पर ले लड़ते हैं जवानl धड़कते सीने में दहकते अंगार लिए, भारत की रक्षा में खुद को झोंकते हैं जवानl माथे पर कफ़न बांध कर चलते हैं, आ जाए दुश्मन सामने,तो भून देते हैं जवानl सलाम करती दुनिया इन हौंसलों […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।