कफ़न बांध चलते हैं जवान…

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gayatri choudhari
हाथों में तिरंगा ले के चलते हैं जवान,
जान हथेली पर ले लड़ते हैं जवानl

धड़कते सीने में दहकते अंगार लिए,
भारत की रक्षा में खुद को झोंकते हैं जवानl

माथे पर कफ़न बांध कर चलते हैं,
आ जाए दुश्मन सामने,तो भून देते हैं जवानl

सलाम करती दुनिया इन हौंसलों को,
जब दुश्मनों को उनके घर में घुस मारते हैं जवानl

दुश्मन पाकी ताकत का इनकी,
तुझको भान नहीं,जब चाहे ठोंक देंगे जवानl

अंदाजा लगाने की जुर्रत न कर,
सरजमीं पर पैर रखे,तो तोड़ देंगे जवानl

सबको नाक चने-धूल चटा देते हैं,
सर झुकाते नहीं-कटा देते हैं जवानl

मुल्क हिफाजत करना ही धर्म इनका,
ऐसे योद्धाओं से भरी है भारत की जमीं,हे जवानll

#गायत्री चौधरी

परिचय : गायत्री चौधरी को लेखन का काफी शौक हैl इनका साहित्यिक उपनाम-सोनू जैन हैl जन्मतिथि-१० दिसम्बर १९८३ तथा जन्म स्थान-सिवनी(मध्यप्रदेश)हैl वर्तमान में मन्दसौर में निवासरत हैंl आपकी शिक्षा-एम.ए.(राजनीति) और कार्यक्षेत्र-सहायक अध्यापक हैl सामाजिक क्षेत्र में सोनू जैन शिक्षा की जागृति के लिए कार्यरत होने के साथ ही समाज के मंडल की सदस्या भी हैंl लेखन में आपकी विधा-कविता,ग़ज़ल,संस्मरण एवं लेख हैl सम्मान में आपको साहित्य चेतना पुरस्कार मिला हैl उपलब्धि में आपके खाते में गायन,खेल,चित्रकारी और रक्तदान करना हैl आपके लेखन का उद्देश्य-सामाजिक जागरुकता,महिला-बालिका शिक्षा को बढ़ाना,अधिकार,राष्ट्रभक्ति सहित सेना का हौंसला भी बढ़ाना हैंl

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।