आओ मिलकर दीप जलाएं

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mukesh bohara
आओ दीवाली,धूम मचाएं,
मिलकर खुशियां,खूब मनाएं।
सच में सबको मिले दीवाली,
आओ मिलकर दीप जलाएं॥
हर चेहरे पर,रौनक निखरे,
खुशियों की, फुलझड़ियां बिखरे॥
सबको खुशियां,प्यार बहुत-सा,
देने का संकल्प उठाएं।
आओ दीवाली,धूम मचाएं,
मिलकर खुशियां,खूब मनाएं।
राम आगमन,के पावन दिन,
भूखा न हो, कोई जन-मन॥
घर-चौबारे,मन के द्वारे,
मंगल वंदनवार सजाएं।
आओ दीवाली,धूम मचाएं,
मिलकर खुशियां, खूब मनाएं।
महावीर निर्वाण, दिवस पर,
गले मिलें हम,सबसे हंसकर।
मन की माटी महकाकर हम,
हर घर-आंगन दीप जलाएं।
आओ दीवाली,धूम मचाएं,
मिलकर खुशियां,खूब मनाएं।
जिन्हें जरूरत,उनको मान दें,
प्यार,स्नेह,और अपनापन दें।
जहां गहरा है,घुप अंधियारा,
आओ चले वहां,अलख जगाएं।
आओ दीवाली,धूम मचाएं,
मिलकर खुशियां,खूब मनाएं॥
(अभाव,तकलीफ में जी रहे लोगों को समर्पित)
                                                                 #मुकेश बोहरा ‘अमन’ 
परिचय : मुकेश बोहरा ‘अमन’ अधिकतर बाल रचनाएँ रचते हैं। आप पेशे से अध्यापक होकर बाड़मेर (राजस्थान) में बसे हुए हैं।
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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।