एक ही नेता महान

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vasundhara
बात-बात पर माईक पकड़ कर रोता कौन परिंदा,
मगरमच्छ हक्का-बक्का  देख हुआ बहुत शर्मिंदा।
सेवक बता खुद को  जा विदेशों में मौज करते,
आए दिन कह मन की बात जनता को ठगते।
विदेश मंत्री भ्रम  में, करुं या न करुं शंका,
तैयारी मैं करुं, पहुंचते हैं ये अमेरिका या श्रीलंका।
आएगा कब आएगा, काला धन वापस कब आएगा,
जो  ये पूछेगा सीधे जेल की रोटी हवा में खाएगा।
सवा सौ करोड़ जनता को भावुकता की चाय पिलाई,
‘अच्छे दिन आएंगे’ कहकर  आशा की बारह  बजाई।
रोती है ममता, पिता का जवान बेटा शहीद हो होने दो,
हमें कड़ी निंदा कर दोनों हाथ मजबूरी के जोड़ने दो।
कड़क कुर्ता पहनने  वाले के, देखो हैं हुनर बड़े,
मौनी बाबा मनमोहन भी, देखो कैसे अब बोल पड़े।
विकास के नाम पर दिल लूटे,वोट लिए बीच बाज़ार,
पंद्रह लाख रुपयों का तीन बरस से कर रहे इंतजा़र।
सत्तर  सालों  में   एक  ही  नेता  तो हुआ महान,
बूढ़े भारत को छप्पन इंच का सीना दे किया जवान॥

                                                                #वसुंधरा राय

परिचय : वसुंधरा राय ने समाजशास्त्र  में एम.ए. और पत्रकारिता मास्टर डिप्लोमा (मुम्बई ) की शिक्षा हासिल की है l आपका बसेरा  महाराष्ट्र के नागपुर में क्लार्क टाऊन(कड़वी चौक के पास) में है l २००८ में राष्ट्रीय हिन्दी पत्रिका में रूपक लेखक का कार्य अनुभव है,और वर्तमान में अनेक पत्र-पत्रिकाओं में लेखन जारी हैl आप छंदमुक्त कविता,लघुकथा,दोहा छंद,आध्यात्मिक, राजनीतिक,सामाजिक विषयों पर लेखने के साथ ही वर्तमान में सामाजिक सेवाओं में भी संलग्न हैं l विश्वनाथ राय बहुउद्देशीय संस्था `शब्द सुगंध` की संस्थापक व अध्यक्ष हैं तो,अॉल इंडिया रेडियो पर विषय वक्ता के साथ ही मंच संचालिका भी हैं l आपकी लघुकथाओं की दो पुस्तक २०१७ में प्रकाशित होने वाली हैं। आपको सम्मान के रूप में अर्णव काव्य रत्न अलंकार,व्रत प्रतिष्ठान सम्मान,हाइकु मंजूषा रत्न सम्मान सहित राज्य स्तरीय हाइकु सम्मान तथा साहित्यिक सृजन सम्मान भी मिला है l हाइकु विशेषांक,मेरी सांसें तेरा जीवन,हाइकु संग्रह आदि साझा प्रकाशित पुस्तकें हैंl मंच पर कविता पाठ और गायन भी आप करती हैं। 

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।