बेटी है तो घर का आंगन…

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gunjan agewal

अधर हँसीं के पहरे धरकर,दर्द छुपाती सीने में।

नहीं शिकायत करती चाहे,हो कठिनाई जीने में।

जिस घर लेती जन्म सुता वो,बड़े नसीबों वाले हैं।
बेटी के घर आते ही,खुलते किस्मत के ताले हैं।
पारसमणि-सी प्यारी बेटी है अनमोल नगीने में।
अधर हँसी के पहरे धरकर,दर्द छुपाती सीने में……….l

बेटी है तो घर का आंगन खुशियों से भर जाता है, 
बनकर वो मधुमास हँसे,तब हर कोना मुस्काता है।
करे समर्पित सारा जीवन आतुर गम को पीने में।
अधर हँसी के पहरे धरकर,दर्द छुपाती सीने में……….l
बदल रहा परिवेश भले ही,मन अन्तस ही काला है।
नही सुरक्षित आज बेटियां,जब भक्षक रखवाला है।
जीवन में जो दंश मिले हैं,रहती उनको सीने में।
अधर हँसीं के पहरे धरकर,दर्द छुपाती सीने में……….l

        #गुंजन अग्रवाल

परिचय : गुंजन अग्रवाल लेखकीय क्षेत्र में अनहद गुंजन  गूंज के नाम से जानी जाती हैंl  आप हरियाणा राज्य के फरीदाबाद शहर से हैंl

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matruadmin

2 thoughts on “बेटी है तो घर का आंगन…

  1. अतिभावप्रणव सुन्दर कृति

  2. मेरी रचना को स्थान देने हेतु आ अजय जी का दिल से सादर आभार….

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।