कविता- सुहाग का चाँद

0 0
Read Time46 Second

ये न पूनम का चाँद है,
न ईद का चाँद है।
हाँ, ये मेरे सुहाग चौथ का चाँद है।
इन हाथों की हरी मेहंदी सूख कर ,
मेरे चौथ के चाँद-सी सुर्ख़ लाल हो जाएगी,
मेरी माँग भी सुर्ख़ सिंदूर से भरी जाएगी।
हाथों में भी लाल चूड़ियाँ
संगीत-सी खनकेगी,
जब इन हाथों से पूजा की
थाली सजाई जाएगी।
जब वो सुर्ख़ चाँद
सुहागिनों की छत पर आएगा,
तब हर चेहरा मुस्कराएगा।
और जब पिया पानी पिलाएगा,
तब ये व्रत पूरा कहलाएगा।

कीर्ति सिंह गौड़,

इन्दौर, मध्यप्रदेश

matruadmin

Next Post

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ विजय सिंह का निधन

Mon Oct 21 , 2024
इन्दौर। सुप्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ एवं चाचा नेहरू अनुसंधान केंद्र, इन्दौर के पूर्व निदेशक रहे डॉ. विजय सिंह का 84 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन सोमवार शाम निजी अस्पताल में हो गया। आप सुप्रसिद्ध साहित्यकार, तुलनात्मक भाषा अध्ययन शाल, देअविवि की पूर्व प्राचार्य व श्री मध्यभारत हिंदी साहित्य समिति […]

पसंदीदा साहित्य

नया नया

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।