झाँसी वाली रानी

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आओ चलें अमर इतिहास के कुछ पन्ने पलटाते हैं,
आज हम झाँसी वाली रानी की अमर गाथा सुनाते हैं।

काशी के ब्राह्मण कुल में जन्मीं प्यारी मनु सुकुमारी थी,
बचपन से ही प्रिय खड्ग और अश्व की सवारी थी।

शौर्य और वीरता की झलकती अद्भुत कहानी थी,
खूब लड़ी अंग्रेजों संग वह तो झाँसी वाली रानी थी।

अस्त्रों, शस्त्रों, वेदों और पुराणों की वह ज्ञानी थी,
1857 की क्रांति में गोरों को भगाने की ठानी थी।

होकर अश्व सवार रानी ने जब तलवार उठायी थी,
रणक्षेत्र में अंग्रेजों की सेना घुटनों पर आयी थी।

माँ जगदम्बा और दुर्गा काली की वह अवतारी थी,
सुलग रही लक्ष्मी के मन में स्वतंत्रता की चिंगारी थी।

यमुना तट पर अंग्रेजों संग खूब लड़ी मर्दानी थी,
अंग्रेजों के मित्र राजाओं ने फिर छोड़ी राजधानी थी।

बल मिलता है नारियों को आपकी ही वीरता से,
आज भी प्रेरणा लेती दुनिया बस आपकी धीरता से।

मैं हूँ इक नूतन रचनाकार, लक्ष्मी आप हैं बड़ी महान,
कम पड़ जाते हैं शब्द, कैसे करूँ मैं आपका गुणगान।

लिखूँ मैं कितना? आपकी शौर्यगाथा है अविराम,
बस यहीं पर मैं देता हूँ अपनी लेखनी को विराम।

नवनीत शुक्ल (स० अ०)
फतेहपुर

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।