दूर से राम राम

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किसी को क्या पता था,
की ऐसा भी दौर आएगा।
जिसमें इंसान इंसान से,
दूरसे ही राम राम करेगा।।

कहाँ हमसब हिल मिलकर,
एक समाज में रहने वाले।
अब अपनो से दूर रहने को,
हम ही कह रहे।
सचमुच में लोगों ये,
कैसा दौर आ गया है।।
जिसमें इंसान इंसान से,
दूरसे ही राम राम करेगा।।

कभी सोचा न होगा की,
मंदिरों पर भी रोक लगाई जाएगी।
संकट में याद आने वाले,
भगवान के मंदिर बंद हो जाएंगे।
और कर न सकोगे पूजा प्रार्थनाएं,
संकटमोचन के दरबार में।
और क्या क्या देखना होगा,
आने वाले इस दौर में।।
जिसमें इंसान इंसान से,
दूरसे ही राम राम करेगा।।

लगता है ईश्वर भी रूठ गये,
इन पापीयों की करने से।
कितना अत्याचार किये,
उनकी बनाई दुनियाँ पर।
तभी स्वंय भी दूर हो गये,
मानो वो अपने भक्तों से।
नहीं करानी पूजा भक्ति,
अब इन डोंगी इंसानों से।।
जिसमें इंसान इंसान से,
दूरसे ही राम राम करेगा।।

किसी को क्या पता था,
की ऐसा भी दौर आएगा।
जिसमें इंसान इंसान से,
दूरसे ही राम राम करेगा।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन बीना(मुम्बई)

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।