विश्व हाथ धुलाई दिवस

Read Time0Seconds

आओ आओ मेरे बच्चों प्यारे,
हाथ धो लो मिलकर सारे।
हाथ धोने से मरेंगे कीटाणु,
रोग आएंगे ना पास हमारे।

स्वच्छता है रोगों की दुश्मन,
स्वच्छता को ढाल हम बनाएं।
हैजा ,पेचिश , त्वचा ,नेत्र ,आंतों की,
बीमारियों को दूर हम भगाएं।

तीस सेकंड तक है हाथों को धोना,
और जरा भी अलास ना करना।
मान लो तुम सब मेरा कहना,
पछताओगे बहुत तुम वरना।

पड़े गए यदि बीमार हम जो,
पास डॉक्टर के जाना पड़ेगा।
तन, मन ,धन और समय को,
बेवजह ही लुटाना पड़ेगा।

खाना खाने के बाद और पहले,
हाथ धोने की आदत बनाओ।
खुद समझो और सबको समझाओ,
स्वच्छता के गुण सबको बताओ।

लापरवाही जो कर दी तनिक भी,
मोल इसका चुकाना पड़ेगा ।
यदि अच्छे से हाथ ना धोए,
हाथ जान से धोना पड़ेगा।

आओ हम सब संकल्प ये उठाएं,
हाथ धोने के फायदे सबको गिनाएं।
जन जन को जागरूक बनाएं,
सारे विश्व को स्वस्थ बनाएं।

रचना
सपना (स० अ०)
जनपद _ औरैया

0 0

matruadmin

Next Post

जीने का अंदाज

Thu Oct 15 , 2020
फूलों की सुगंध से, सुगन्धित हो जीवन तुम्हारा। तारों की तरह चमके, जीवन तुम्हारा। उम्र हो सूरज जैसी, जिसे याद रखे दुनियाँ सारा। आप महफ़िल सजाएं ऐसी, की हम सब आये दुवारा।। आपके जीवन में हजारो बार, मौके आये इस तरह के। की लोग कहते कहते न थके, की मुबारक […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।