साथ तेरा हो

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दर्द की रात हो या,
सुख का सवेरा हो…।
सब गंवारा है मुझे,
साथ बस तेरा हो…।
प्यार कोई चीज नहीं,
जो खरीदा जा सके।
ये तो दिलो का,
दिलो से मिलन है।।

प्यार कोई मुकद्दर नहीं,
जिसे तक़दीर पे छोड़ा जाए।
प्यार यकीन है भरोसा है,
जो हर किसी पर नहीं होता।
मोहब्बत इतनी आसान नहीं,
जो किसी से भी की जाएं।
ये तो वो है जिस पर,
दिल आ जाएं।।

चूमने को तेरा हाथ,
जो में तेरी ओर बढ़ा।
दिलमें एक हलचल सी,
मानो मचलने लगी।
क्या पता था आज,
की क्या होने वाला हैं।
ये तो अच्छा हुआ,
कि कोई आ गया।।

वरना दो किनारों का,
आज संगम हो जाता।
और मोहब्बत करने का,
अन्जाम सभी को दिखता।
दर्द का इलाज यारो,
दर्द ही होता है।
जो दर्द को सह जाते है,
वो ही मोहब्बत कर पाते है।।

पता नहीं लोग मोहब्बत को,
क्या नाम देते हैं…।
हम तो तेरे नाम को ही,
मोहब्बत कहते हैं…।
हर उलझन के अंदर ही,
उलझन का हल मिलता है।
कोशिश करने से ही,
सुंदर कल मिलता है।।

जय जिनेन्द्र देव
संजय जैन (मुम्बई)

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कोरोनाकाल एवं साहित्यग्राम' विमोचित

Mon Oct 5 , 2020
इंदौर। कोरोना संक्रमण काल के दौरान लगे लॉक डाउन में मातृभाषा.कॉम से जुड़े रचनाकारों द्वारा किए उत्कृष्ट सृजन को संस्मय प्रकाशन द्वारा पुस्तकबद्ध किया गया, इस पुस्तक का विमोचन मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. विकास दवे द्वारा किया गया। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ […]

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

आपका जन्म 29 अप्रैल 1989 को सेंधवा, मध्यप्रदेश में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर हुआ। आपका पैतृक घर धार जिले की कुक्षी तहसील में है। आप कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। आपने अब तक 8 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया है, जिसमें से 2 पुस्तकें पत्रकारिता के विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध हैं। मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष व मातृभाषा डॉट कॉम, साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 21 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं और ख़बर हलचल न्यूज़ के संस्थापक व प्रधान संपादक हैं। हॉल ही में साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन संस्कृति परिषद्, संस्कृति विभाग द्वारा डॉ. अर्पण जैन 'अविचल' को वर्ष 2020 के लिए फ़ेसबुक/ब्लॉग/नेट (पेज) हेतु अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से अलंकृत किया गया है।