अभिव्यक्ति

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लोकतन्त्र मे अभिव्यक्ति का
है संवैधानिक अधिकार
फिर कंगना के बोलने पर
क्यों नाराज़ हुई उद्धव सरकार
बन्द,आंदोलन,धरना,अनशन
कानून ने दिए सब अधिकार
उठी आवाज़ दबाते क्यों हो
किसी का घर तुड़वाते क्यों हो
ध्यानाकर्षण कराते जब मुद्दे
सच जानकर गुर्राते क्यो हो
जनआवाज़ सुननी ही होगी
सत्ता-अंहकार दिखाते क्यो हो।
#श्रीगोपाल नारसन

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matruadmin

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प्रेम

Fri Sep 11 , 2020
प्रेम अमर रत्न की , वो एक मुस्कुराहट है , जिस रत्न से हम सराबोर है , नभ की अभिकल्पनाओं में , जीवन तरंगित हुआ , मन पुलकित हुआ , मन द्रुम्लित हुआ , नेह नयनों की आभा , प्यार के फुल मे , दिल विस्मित हुआ ! निकिता कुमारी […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।