प्रेरणा परिवार की काव्य गोष्ठि

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हिसार.नवोदित लेखकों को मंच प्रदान कराने के उद्देश्य से पिछले इक्कीस साल से चलाए जा रहे मासिक काव्य गोष्ठी कार्यक्रम के अन्तर्गत नगर की प्रमुख साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था प्रेरणा परिवार की सितंबर माह की मासिक काव्य गोष्ठी स्थानीय टाऊन पार्क में संस्था निदेशक शुभकरण गौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। मन्च संचालन जयभगवान लाडवाल ने किया । 
शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित गोष्ठी में  मास्टर जयभगवान यादव बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे तथा मास्टर कृष्ण कुमार इंदौरा विशिष्ट अतिथि थे।
जयभगवान लाडवाल ने कोरोना पर अपनी रचना ऐसे सुनाई।
बेरोजगारी है बड़ी मार दिया संसार
धंधा हर मंदा हुआ कोरोना की मार
कभी किसी ने ना देखी ऐसी बीमारी
झूठे कईयों के रोजगार बढ़ी यू बेरोजगारी।
मास्टर जयभगवान यादव ने शिक्षक दिवस पर अपनी रचना सुनाई,
हो गुरु चरणों में मेरा सदा बंधन,
हर शिक्षक वृंद का दिल से अभिनंदन।
संस्था निदेशक शुभकरण गौड़ के भाव
ऐसे थे,
मैं अपने मुकद्दर की गाथा आप गाता हूं।
है मेरी जो चाहत मैं उसे पाना चाहता हूं।।
शिक्षक कृष्ण कुमार इंदौरा की रचना ऐसे थी
कोरोना के हर दहशत में शहर फितूर समस्त रहा है,
आजकल सड़क पर आदमी लंगूर सा लग रहा है।
वरिष्ठ साहित्यकार ऋषि कुमार सक्सेना की रचना कुछ ऐसी थी
नहीं रुको नहीं थको बस गति दो पैरों में।
फिर कैसे नहीं है मिलती मंजिल जीवन में।
         कार्यक्रम के अंत में संस्था निदेशक शुभकरण गौड़ ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद किया।
                    इस अवसर पर डां सुरेन्द्र कुमार खुन्डिया, अंशुल गौड़,सतपाल  राजेंद्र, अमित कुमार, दीपक जांगड़ा ने भी अपनी कविता सुनाई।

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matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।