हमें जान से प्यारी है हिन्दी भाषा

Read Time0Seconds

हमें जान से प्यारी है हिन्दी भाषा
हिंदू राष्ट्र का सम्मान है ,हिन्दी भाषा
भारतभूमि का गुणगान है, हिन्दी भाषा ।।
**विश्व पटल पर लहराती शान है ,हिन्दी भाषा।
अंग्रेजों को मातृभूमि से खदेड़ने का अभिमान है, हिंदी भाषा।।

** संकल्प एक,भारत एक,के साथ अखंड भारत की मान है, हिन्दी भाषा
संस्कारों की,नैतिकता की पहचान है, हिन्दी भाषा।।

   **विचारों की,अभिव्यक्ति की आदान प्रदान है, हिंदी भाषा

हमें इस पर गर्व है क्योंकि शब्दों की खदान है, हिन्दी भाषा।।

ठाकुर तारा
मंडी (हिमाचल प्रदेश)

0 0

matruadmin

Next Post

आज़ाद गज़ल

Thu Sep 3 , 2020
सदियों से ही अपनी मंजिल की तलाश में हूँ दलितों,पीड़ितों और शोषित के लिबास में हूँ । ज़िक्र मेरी भला कोई करे क्योंकर ग्रंथो में कहाँ नज़रो के ,सूर,तुलसी या कालिदास में हूँ। हर दौर दगा दे गई दिलासा दिला कर मुझे बस ज़रुरत के मुताबिक मैं उनके पास में […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।