विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस

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करे सम्मान वरिष्ठ नागरिकों का,
करे उनका हम सब ध्यान।
मिलेगा उनका आशीष तुमको,
और मिलेगा उनका तुमको ज्ञान।।

धरोहर हैं वे हम सबकी,
और तुम्हारी वे पहचान।
एक दिन तुम भी बनोगे,
उनकी अद्भुत अनोखी शान।।

निवेदन है अपनी सरकार से,
करे वरिष्ठ नागरिकों का ध्यान
आय कर से उन्हें मुक्त करे,
और करे उनका कल्याण।।

एक दिन तुम भी बनोगे,
करना इसका भी ध्यान
ऐसी परंपरा डाल दो तुम
होता रहे सबका कल्याण।।

ये कार्य क्रम चलता रहे,
ऐसा करे हम सब प्रयास।
मानव सबका सेवा धर्म है,
विश्व करता रहे सदा विकास।

आर के रस्तोगी
गुरुग्राम

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matruadmin

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मृतात्मा

Fri Aug 21 , 2020
अब नहीं होता आहत चिंतित व्यथित, बिचलीत आतंकित आशंकित अचंभित या किसी भी कारण से क्रोधित। क्योंकि अब हो गया हूँ मैं जीत जागता महात्मा जैसे कोई मृतात्मा। -अजय प्रसाद Post Views: 66

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।