बारिश में भींगना अच्छा लगता है

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यह बारिश का मौसम बड़ा सुहावन और मनभावन होता है।प्रकृति अपना जीवन तत्व प्राणरूपी बारिश से नहाकर हरियाली की गोद में होती है।वहीं रंग विरंगे जीव, जलीय जीव प्रकृति की इस उपहार को पाकर सुन्दर गीत गाते हैं । वहीं गाँव के किसान भी खुशी के गीत गाकर खेतो में फसल लगाते हैं बडा ही सुन्दर नजारा होता है।

भला मैं कैसे पीछे रह सकता मैं भी बारिश में अक्सर भींगता हूँ ।लेकिन शहर की गंदी गलियों में जहाँ कूडे के सड़े ढ़ेर होते, नालियों से बहता गंदा पानी।आते जाते सैकड़ों गज रोज गुजरना होता क्योंकि शहर अब हो चुकी बिन बहता पानी।यहाँ एक दिन बरसात होती कई दिनों तक पानी ही पानी रहती।
सभी का आना जाना बड़ा ही गंदा करता ।घर में पानी भी कभी महक जाता बदबू दार मौसम लगता क्या करूँ बारिश में भी दिन भर घर में पड़ा रहता।
अब तो घर में भी पानी घुस जाता है।कई सामान वर्वाद कर जाता। करोड़ों खर्च होता इन पर आखिर सब कहाँ जाता?

वैसे शहर में छत भी होते लेकिन उस पर मकान मालिकों का कब्जा रहता।पार्क भी है बहुत लेकिन वहाँ अभद्रता की लीला होती लोकलाज और निर्लज्जता में नहाकर ऐ शहर की बारिश मुझे गाँव ही अच्छा लगता और वहाँ आकर मैं, ऐ बारिश पुनः भींगना चाहता।

आशुतोष
पटना बिहार

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जारीकर्ता विनोद बंसल राष्ट्रीय प्रवक्ता, विश्व हिंदू परिषद Post Views: 481

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मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष, ख़बर हलचल न्यूज़, मातृभाषा डॉट कॉम व साहित्यग्राम पत्रिका के संपादक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मध्य प्रदेश ही नहीं अपितु देशभर में हिन्दी भाषा के प्रचार, प्रसार और विस्तार के लिए निरंतर कार्यरत हैं। साथ ही लगभग दो दशकों से हिन्दी पत्रकारिता में सक्रिय डॉ. जैन के नेतृत्व में पत्रकारिता के उन्नयन के लिए भी कई अभियान चलाए गए। आप 29 अप्रैल को जन्में तथा कम्प्यूटर साइंस विषय से बैचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कम्प्यूटर साइंस) में स्नातक होने के साथ आपने एमबीए किया तथा एम.जे. एम सी की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की। डॉ. अर्पण जैन ने 30 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण आपको विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया। साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश शासन द्वारा वर्ष 2020 के अखिल भारतीय नारद मुनि पुरस्कार से डॉ. अर्पण जैन पुरस्कृत हुए हैं। साथ ही, आपको वर्ष 2023 में जम्मू कश्मीर साहित्य एवं कला अकादमी व वादीज़ हिन्दी शिक्षा समिति ने अक्षर सम्मान व वर्ष 2024 में प्रभासाक्षी द्वारा हिन्दी सेवा सम्मान से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा आप सॉफ़्टवेयर कम्पनी सेन्स टेक्नोलॉजीस के सीईओ हैं, साथ ही लगातार समाज सेवा कार्यों में भी सक्रिय सहभागिता रखते हैं। कई दैनिक, साप्ताहिक समाचार पत्रों व न्यूज़ चैनल में आपने सेवाएँ दी है। साथ ही, भारतभर में आपने हज़ारों पत्रकारों को संगठित कर पत्रकार सुरक्षा कानून की मांग को लेकर आंदोलन भी चलाया है।