साहित्य संगम संस्थान ने, संस्थान की स्थापना (05 जुलाई 2020) के चार वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित करवाया भव्य आनलाइन काव्योत्सव

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इलेक्ट्रॉनिक हिंदी साहित्य के आनलाइन काव्य सम्मेलनों में अब तक के सबसे बड़े काव्योत्सव के रूप में सम्पन्न हुआ

देश के विभिन्न प्रांतों से 122 जेष्ठ-श्रेष्ठ कवियों ने लिया हिस्सा

मिथलेश सिंह ‘मिलिंद’ (आजमगढ़) , साहित्य संगम संस्थान दिल्ली के अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र जी के तत्वावधान में काव्य मंच साहित्य संगम पर 12 जुलाई 2020 आदित्यवार सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक भव्य आनलाइन काव्योत्सव का आयोजन किया गया । साहित्य संगम संस्थान व कार्यक्रम की निर्देशिका व पूर्व निर्देशिका जन शिक्षण अभियान भारत सरकार आ० ऊषा सेठी दीदी जी ने बताया कि साहित्य संगम संस्थान नई दिल्ली के अध्यक्ष राजवीर सिंह मंत्र जी के तत्वावधान में संस्थान के स्थापना दिवस पर भव्य आनलाइन काव्योत्सव सम्पन्न हुआ । काव्योत्सव सम्मेलन के मुख्य अतिथि डॉ राकेश सक्सेना जी पूर्व विभागाध्यक्ष जेएलएन डिग्री कॉलेज एटा, उ०प्र० एवं कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ मीना भट्ट पूर्व जिला न्यायाधीशा जबलपुर और मंच के संचालन का कार्यभार विनोद कुमार वर्मा दुर्गेश व आ०निलांजना गुप्ता जी द्वारा बखूबी निभाया गया । कार्यक्रम का सह संचालन अर्चना वर्मा , डॉ छाया सक्सेना, हिमांशु गुप्ता हंस , रोहित कुमार रोज़ व मिथलेश सिंह मिलिंद द्वारा सम्पन्न हुआ । जिसमें देश के विभिन्न प्रांतों से उपस्थित हुए 122 कवियों ने इलेक्ट्रॉनिक हिंदी साहित्य मीडिया में अब तक के आयोजित हुए आनलाइन काव्य सम्मेलनों में अब तक के सबसे बड़े काव्योत्सव का कीर्तिमान स्थापित किया।‌ कार्यकर्म की सफलता पर कार्यकम संयोजक कुमार रोहित रोज़ व नवीन कुमार भट्ट नीर उमरिया म० प्र० ने शामिल कवियों को बधाई दी। कवियों में छाया सक्सेना प्रभु जबलपुर, (मध्य प्रदेश) रचना गौर कानपुर (उत्तर प्रदेश) रोहित कुमार रोज़ नई दिल्ली, संतोष कुमार वर्मा ‘कविराज’ कोलकाता (पश्चिम बंगाल) अर्पणा तिवारी महोबा (उत्तर प्रदेश) प्रमोद ठाकुर ग्वालियर (मध्य प्रदेश) आचार्य धनंजय पाठक डालटनगंज (झारखंड) सुनील कुमार अवधिया मुक्तानिल डिण्डौरी (मध्य प्रदेश) हिमांशु गुप्ता हंस कानपुर (उत्तर प्रदेश) वंदना नामदेव, सुमिता मूंधड़ा मालेगांव, कुमारी निरुपमा बेगूसराय (बिहार) विष्णुप्रिया त्रिवेदी हावड़ा, स्नेहलता द्विवेदी ‘आर्या’ कटिहार (बिहार) आशुतोष कुमार पटना (बिहार) श्रीमती अनुराधा तिवारी अनु छिंदवाड़ा (मध्य प्रदेश) सुनीति केशरवानी नीति प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) कृपा शंकर सिंह झालावाड़ (राजस्थान) रमेश चंद्र शर्मा इंदौर (मध्य प्रदेश) प्रेमलता चौधरी फालना (राजस्थान) ज्ञानेश्वर आनन्द ज्ञानेश, तेजराम नायक ‘तेज’ रायगढ़ (छत्तीसगढ़) प्रमोद पाण्डेय कृष्णप्रेमी गोपालपुरिया अयोध्या (उत्तर प्रदेश) अनीता सुधीर ‘आख्या’ लखनऊ (उत्तर प्रदेश) रमेश सिंह यादव मौन गाज़ीपुर (उत्तर प्रदेश) मंजूषा किंजवडेकर नागपुर (महाराष्ट्र) कैलाश शर्मा गोविन्द खंडेला सीकर (राजस्थान) श्रीमती ज्योति मिश्रा जबलपुर (मध्य प्रदेश) डॉ राजेश कुमार शर्मा पुरोहित भवानीमंडी, कविराज तरुण ‘सक्षम’ लखनऊ (उत्तर प्रदेश) भागीरथ गर्ग कांटिया जैसलमेर (राजस्थान) रविशंकर विद्यार्थी, मोनिका प्रसाद रांची, स्वाति ‘सरु’ जैसलमेरिया जोधपुर (राजस्थान) शिवानी शुक्ला श्रद्धा जौनपुर (उत्तर प्रदेश) डॉ उमेश सिंह बंगलोर (कर्नाटक) डॉ गोकुल बहादुर क्षत्रिय भरूच (गुजरात) डॉ कुमुद श्रीवास्तव वर्मा कुमुदिनी लखनऊ, डॉ भारती वर्मा बौड़ाई देहरादून (उत्तराखंड) सुमति श्रीवास्तव, किरनप्रभा अग्रहरि प्रतापगढ़, राम प्रवेश पंडित मेदिनीनगर (झारखंड) क्षितिज जैन अनघ जयपुर (राजस्थान) मोहनलाल सोनल मनहंस पाली (राजस्थान) सूर्यदीप कुशवाहा वाराणसी (उत्तर प्रदेश) डॉ भावना दीक्षित ज्ञानश्री जबलपुर (मध्य प्रदेश) सुनील कुमार बहराइच (उत्तर प्रदेश) सीताराम राय सरल टीकमगढ़ (मध्य प्रदेश) अनिता शरद झा आद्या रायपुर (छत्तीसगढ़) रीतू गुलाटी ऋतंभरा हिसार (हरियाणा) आशुतोष त्रिपाठी आलोक अयोध्या (उत्तर प्रदेश) सोनी गौतम पुणे (महाराष्ट्र) नीलांजना गुप्ता ‘नीलमणि’ बाँदा (उत्तर प्रदेश) सरोज ठाकुर बिलासपुर (छत्तीसगढ़) शायर देव मेहरानियां अलवर (राजस्थान) वन्दना प्रियदर्शिनी बुराड़ी (दिल्ली) बजरंग लाल केजड़ीवाल तिनसुकिया (असम प्रांत) भारत, पारस मल हटेला ‘बातुनी’ पाली (राजस्थान) मिथलेश सिंह मिलिंद आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) राजेन्द्र राज बैतूल (मध्य प्रदेश) विनोद वर्मा दुर्गेश भिवानी (हरियाणा) वीणा वैष्णव रागिनी राजसमंद (राजस्थान) वृंदावन राय सरल सागर (मध्य प्रदेश) गीता गुप्ता मन, कलावती करवा ‘षोडस कला’ कूच विहार (पश्चिम बंगाल) गुलशन कुमार साहसी, विनय कुमार बुद्ध, विक्रम साहू भोपाल (मध्य प्रदेश) प्रमोद कुमार चौहान (मध्य प्रदेश) नवीन कुमार भट्ट नीर, सोनल सेठ, अर्चना पाण्डेय, कीर्ति दूबे, अंजुमन मंसूरी, घनश्याम सहाय, सोनू मीना, पवन कुमार, भारत भूषण पाठक, श्रीकांत तैलंग श्री लखनऊ (उत्तर प्रदेश) नवल किशोर सिंह, रुचिका राय, बुद्धि प्रसाद शर्मा, डॉ अर्चना वर्मा लखनऊ (उत्तर प्रदेश) बृजमोहन रणा कश्यप अहमदाबाद (गुजरात) आदि अनेक कवि-कवयित्रियों ने अपने सुरीले व मनमोहक काव्यपाठ के द्वारा काव्य मंच संगम पर आयोजित संस्थान के स्थापना दिवस पर संस्थान को एक ऐतिहासिक बधाई और शुभकामनाओं से नवाजा ।

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।