40 मंचीय कवि ‘काव्यरथी सम्मान’ से सम्मानित

Read Time3Seconds

इंदौर। लॉक डाउन काल के दौरान जनमानस को अवसाद से मुक्त करने की दिशा में मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा एक युद्ध अवसाद के विरुद्ध चलाया गया, जिसके अंतर्गत कवि मुकेश मोलवा एवं कवि हिमान्शु भावसार हिन्द के फेसबुक पृष्ठ से लाइव कवि सम्मेलन आयोजित किए गए। इस दौरान कवि सम्मेलन में सहभागी कवियों को काव्य मंच के राष्ट्रीय संयोजक-अध्यक्ष, ओज के हस्ताक्षरिय एवं राष्ट्रीय कवि मुकेश मोलवा एवं संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’ द्वारा ‘काव्यरथी सम्मान’ दिया गया।
इस सम्मान को प्राप्त करने वाले देश के विभिन्न प्रान्तों से कवि डिजिटल रूप से उपस्थित रहें जिनमें दीपशिखा रावल, हेमन्त बोर्डिया, दीपक पारिख, राज शेखावत, प्रियंका रॉय, नरेंद्रपाल जैन, हास्य कवि सुनील व्यास,आयुषी राखेचा, पल्लवी त्रिपाठी, पुष्पेंद्र पुष्प, अनिल उपहार, हिमांशु भावसार, पंकज प्रसून, कुलदीप रंगीला, शंभुसिंह मनहर, संदीप सांदीपनी, सतीश शाश्वत, सरला शर्मा, नीरज निर्मोही, विपिन वत्सल, गौरव साक्षी, कमलेश शर्मा, प्रदयुम्न शर्मा, शुभम त्यागी, रोहित वीर, मुकेश आनंद भावसार, नरेंद गुप्ता, सुरेन्द्र भोला, प्रतीक सिंह चौहान, डिम्पल सानन, नमिता नमन, पंकज पंडित, विनोद विद्रोही, मनीषा सक्सेना, योगेंद्र सुन्द्रियाल, ऋतिका थपलियाल, बलराम बल्लू, शैलेन्द्र शैलू, अभिषेक दवे व क्रांति पाण्डेय सम्मिलित रहें।
ज्ञात हो कि मातृभाषा उन्नयन संस्थान द्वारा दिया जाने वाला ‘काव्यरथी सम्मान’ हिंदी कवि सम्मेलन मंचों पर विशुद्ध हिंदी कविता पाठ करने एवं मंचों के माध्यम से हिंदी भाषा का प्रचार-प्रसार करने के लिए दिया जाता हैं।
काव्यरथी सम्मान से सम्मानित सभी कवियों को संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अर्पण जैन ‘अविचल’, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ नीना जोशी, राष्ट्रीय महासचिव कमलेश कमल, राष्ट्रीय सचिव गणतंत्र ओजस्वी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शिखा जैन, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भावना शर्मा, नितेश गुप्ता जलज व्यास, हिमांशु भावसार हिन्द, देवेंद्र जैन आदि ने बधाइयाँ प्रेषित करके मनोबल बढ़ाया।

0 0

matruadmin

Next Post

मातृभाषा में शिक्षा की वकालत - सबसे विश्वसनीय आवाज़ : प्रो. जोगा सिंह विर्क

Fri Jul 10 , 2020
प्रो. जोगा सिंह वास्तव में हिन्दी के योद्धा नहीं है. उनकी मातृभाषा पंजाबी है. वे मातृभाषाओं को शिक्षा का माध्यम बनाने की लड़ाई लड़ रहे हैं और उन्होंने अपने जीवन का यही मिशन बना लिया है. यदि ऐसा होता है तो देश के 99 प्रतिशत विद्यार्थियों को फायदा होगा, उन […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।