उड़े उड़े रे गुलाल मालवा में,

0 0
Read Time1 Minute, 51 Second

उड़े उड़े रे गुलाल मालवा में,
गाल हुवा लाल लाल मालवा में,
म्हारी प्यारी इंदौर नगरी ,
खूब या पे होली जमरी,
छोरा छोरी होल खेले ,
रंग रंगीला चेहरा डोले ,
होली खेले रे लड्डू गोपाल मालवा में,
घणी मचे रे धमाल मालवा में |(१)
टोरी कार्नर की गेर न्यारी,
हाथी घोडा गाड़ी और लारी,
उची उची चले धार रंग री,
मस्ती और ठंडाई भंग री,
काला पिला और गुलाबी गाल मालवा में,
घणी मचे रे धमाल मालवा में |(२)
मोत गमी को शोक मनावे,
रंग डालवा सबका घरे जावे ,
छोटा बड़ा से कई फ़र्क नि पड्यो,
जाति धरम का नाम पे नि लडयो,
मिली जुली के खेले रे गुलाल मालवा में ,
घणी मचे रे धमाल मालवा में |(३)
आखा गाम की एकज बने होली ,
छोटा बड़ा सबकी एकज टोली ,
आखी रात होली बनवावे ,
जल्दी सवेरे उके जलावे ,
एकता की घणी रे मिसाल मालवा में ,
घणी मचे रे धमाल मालवा में |(४)
बड़ा बुडा का पगे लागे ,
आशीर्वाद से भाग जागे ,
बेन भाभी के भी रंग लगावे ,
मर्यादा को पाठ पडावे ,pri
संस्कारो को घनो हे जाल मालवा में ,
घणी मचे रे धमाल मालवा में (५)
रंग पंचमी को रंग अलग हे
गेर और दोस्तों को संग अलग हे
आखा देश में नि परमपरा एसी
मालवा की हे गभीर धरा एसी
रंग पंचमी की गेरे मजेदार मालवा में
घणी मचे रे धमाल मालवा में (६)

राजेश भंडारी “बाबू”

इंदौर(मध्यप्रदेश)

matruadmin

Next Post

शक्ति स्वरूप नारी

Sat Mar 7 , 2020
न क्रुंदन करती ना ही चित्कार करती कभी न किसी को वो तिरस्कार करती। रूप बदलकर आती, सभी अवस्थाओ में वो तो सिर्फ हृदय से, हमें प्यार करती। शक्ति की प्रगाढ़ता, जीवन की मौलिकता आधार बनकर जीवन में वास करती। सच्चाई की मिशाल, विश्वास में विशाल छल कपट भी, मुस्कुरा […]

संस्थापक एवं सम्पादक

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।