डॉ सोम ठाकुर नवगीत रत्न अलंकरण से विभूषित*

Read Time2Seconds

इंदौर ।

हिन्दी काव्य मंचों के सशक्त हस्ताक्षर और नवगीत विधा में अतुलनीय कार्य करने वाले आगरा निवासी डॉ. सोम ठाकुर को ‘मातृभाषा उन्नयन संस्थान’ द्वारा गुरुवार को स्थानीय इन्दौर प्रेस क्लब परिसर में संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ एवं कवि सत्येंद्र वर्मा सत्येन द्वारा ‘नवगीत रत्न’ अलंकरण से विभूषित किया गया।
ओजस्वी भाव के कवि डॉ. सोम ठाकुर जी को ब्रज क्षेत्र का एक प्रमुख स्तंभ माना जाता है। राष्ट्रवाद का शंखनाद हो या प्रकृति का चित्रण हो या फिर प्रेम-विरह और मिलन की बात हो, सभी बिंदुओं पर एकलयता से काव्य रचना करने में डॉ. सोम ठाकुर जी को कुशलता हासिल है।
मातृभाषा उन्नयन संस्थान पदाधिकारियों सहित जलज व्यास, हिमांशु भावसार आदि ने डॉ ठाकुर को शुभकामनाएँ दी।

0 0

matruadmin

Next Post

सफलता

Fri Mar 6 , 2020
सफल अगर हो गए आप धन्यवाद ईश्वर का कीजिए जो कर्म किए सफलता के लिए उनको याद जरुर कीजिए सफलता की प्रशंसा मिले यह इच्छा कभी मत कीजिए सफलता पर मिले सन्तोष से स्वयं सुख का अनुभव कीजिए करने वाले आप नही है यह मन मे धारण कीजिए स्वयं को […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।