लेखक आशुतोष को साहित्य सारथी गौरव सम्मान-2019

Read Time0Seconds

पटना |

बिहार के लेखक आशुतोष कुमार झा को साहित्य संगम संस्थान नईदिल्ली द्वारा 8/1/2020 को वर्ष भर लिखी गयी साहित्यिक रचनाओ का मूल्यांकन कर संस्थान ने”साहित्य सारथी गौरव सम्मान-2019″ से सम्मानित किया है।यह सम्मान देश के उन रचनाकारों को प्रदान की गयी जिन्होने विभिन्न सामाजिक राजनीतिक और सांस्कृतिक समस्याओं पर अपने विचार को विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं के माध्यम से देश के समक्ष लगातार रखा है।सम्मान पाकर एक सुखद अनुभूति का एहसास करते हुए श्री कुमार ने कहा वे संस्थान और देश के समक्ष ज्वलंत मुद्दो को उठाते रहेंगे जिनमें कविता कहानी और लेख ही सशक्त माध्यम होगा। उन्होने संस्थान के सभी पदाधिकारी एवं सदस्यो का दिल से आभार प्रकट करते हुए संस्थान के अध्यक्ष श्री राजवीर सिंह मंत्र को ऐसे आयोजनो और सम्मान के लिए आभार प्रकट किया तथा सभी सम्मानित साहित्यकारों को बधाई भी दी।उन्होने सभी मीडिया कर्मी और पाठको के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जिन्होने उन्हे लगातार प्रोत्साहित किया है। श्री झा ने बताया कि बिना पाठको और मीडिया के इस मुकाम तक पहुँचना मुश्किल था सभी प्रेस ने उनकी रचनाओ को लगातार छापकर उनके विचारो को पाठको तक पहुँचाया जिसका उन्हें अपार हर्ष है ।

0 0

matruadmin

Next Post

कलम की आवाज

Thu Jan 9 , 2020
उठा कलम तू तूणीर से यही तेरी तलवार है। छद्म आवरण ढके हुए जो उनको यही ललकार है। झूठ का अनावरण सच को न ढक पायेगा तू निडर निर्भीक बढ़ घनघोर अंधेरा छंट जाएगा। तू आवाज है दिन की सिक्कों की झनकार नहीं ईमान तेरा नीलाम हो मरा है वो […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।