वि.हि.प. का संपूर्ण देश भर मे हित चिंतक अभियान

Read Time1Second

नागपुर|
निकट भविष्य मे वि.हि.प. के दो प्रमुख कार्यक्रम आ रहे है |
17 नवम्बर से 1 दिसम्बर संपूर्ण देश भर मे हित चिंतक अभियान के माध्यम से 51 लाख से अधिक हिंदुओ का वि.हि.प.के साथ जोडने का हमरा प्रयास रहेगा | विदर्भ प्रांत मे हम 2 लाख लोगो को जोडने का प्रयास करेंगे |
विगत समय के अभियान मे 32 लाख से अधिक लोग जोडे गये थे वैसे ही दिनांक 10 नवम्बर से 17 नवम्बर पूज्य गुरूनानक देवजी के 550 वे प्रकाशोत्सव के निमित्य देश भर मे कार्यक्रम करने का निश्चित हुआ है | पूज्य नानकदेव जी का सामाजिक समरसता का एवं अध्यात्म का संदेश इस निमित्य संपूर्ण समाज को अवगत होगा |
हाल ही मे वर्षा ऋतु मे अनेक राज्यों मे बाढ का प्रकोप हुआ उस निमित्य वि.हि.प. के माध्यम से महाराष्ट्र,पंजाब, बिहार, कर्नाटक, केरळ ऐसे अनेक राज्यों मे हजारो बाढ पिडीत परिवारो को चिकित्सा, भोजन, वस्त्र अस्थायी निवास की व्यवस्था उपलब्ध कराई गई |
पश्चिम बंगाल मे जनसंख्या असंतुलन मुस्लीम घुसपैठ के कारण से निरंतर बढ रही है| नागरिकता अधिनियम मे योग्य बदलाव करते हुये भारत के निकट देशों से भारत मे शरण लेने के लिये आये हुये व भविष्य मे आने वाले हिंदुओ को नागरिकता सुरक्षाओर सहयोग करने की मांग भारत सरकार से वि.हि.प. करता है | साथ ही जो हिंसा का तांडव हिंदुओ के विरूद्ध पश्चिम बंगाल मे चल रहा है | उसे रोकने के लिये एन. आर. सी. बंगाल मे लागु करना अवश्यक है | संविधानिक पद पर रहते हुऐ पश्चिम बंगाल की मुख्य मंत्री मा. सुश्री ममता बैनर्जी ने पोलिस स्टेशन मे जाकर अपने पहचान पत्र खो जाने की F.R.I. करने की सलाह समाज को दी है | वह अत्यंत गैर जिंम्मेदारना वक्तव्य है | इसमे घुसपैठिओं को ही प्रोत्साहन मिलेगा और आंतरिक सुरक्षा को खतरा निर्माण होगा |
वि.हि.प. के मत से बांग्लादेश व म्यानमार से आने वाला प्रताडीत हिंदु शरणार्थी है और रक्षण योग्य है | और बांग्लादेश व म्यानमार से आने वाला मुसलमान घुसपैठीया है उसको धुंडकर देश के बाहर करना चाहीये जिसके लिये एन.आर.सी. आवश्यक है |
अभी आंध्रप्रदेश मे चुनकर आये हुये श्री. जगन मोहन रेड्डी सरकारने अनेक हिंदू विरोधी कदम उठाये है | इसाई पादरीयो को तथा मुस्लिम मौलवियोंको हर महिना वेतन देने की घोषणा यह विशिष्ट धर्मावलंबीयों के लीये किया हुआ हिंदू विरोधी पक्षपात पूर्ण तुष्टीकरण है तथा असंवैधानिक है| हिंदू मंदिरो कि जमीन समाज वंचित वर्गी को घर बनाने के लिये आबंटित करना यह भी अन्याय पूर्ण है आंध्रप्रदेश मे ब्रिटिश सरकार ने चर्च को लीज मे दी हुई जमीन की समया वधि 1994 मे ही समाप्त हो गई इस लिये वंचित वर्ग को घर के लिये जमीन आंबटिक करने के लिये विशाल चर्च प्रॉपर्टी तथा वल्फ बोर्ड की जमीन का विचार आंध्रप्रदेश सरकार ने करना चाहीये | हिंदु मंदिरो को दान दाताओ ने दी हुई जमीने केवल हिंदू मंदिरो के रखरखाव व विकास के कार्यो मे ही लगनी चाहीए | हिंदू मंदिरो मे जो अनेक जगहो पर इसाई और मुसलमांनो को व्यवस्थापन मे नौकरी दी है | इन्हे भी तुरन्त प्रभाव से अन्यत्र स्थानांतरीत करना चाहीये | ऐसे अनेक कर्मचारी हिंदू धर्मावलंबियो के धर्मांतरण के षड्यंत्रो मे संलिप्त पाये गये है वि.हि.प आंध्रप्रदेश मे इन विषयों के विरोध मे जन जागरण आंदोलन करेगा|

#विनोद बंसल
प्रवक्ता-विहिप

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

श्री कृष्ण,लक्ष्मी और चन्द्रमा की आराधना का दिन

Sat Oct 12 , 2019
सौलह कलाओं वाले चन्द्रमा की रात शरद पूर्णिमा अश्विन मास के शुक्‍ल पक्ष की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा का हिन्दु धर्म में विशेष महत्‍व है। ऐसी मान्‍यता है कि शरद पूर्णिमा का व्रत करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।