यूट्यूब चैनल पर स्कूल की गतिविधियों को देख राजस्थान से आया ” क्राफ्ट कला ‘” सीखानें कृष्णा राव नयापुरा माकनी के सरकारी स्कूल

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नागदा (धार ) |

यूट्यूब चैनल पर शासकीय नवीन प्रावि नयापुरा माकनी की गतिविधियों से प्रभावित होकर सोजतरोड पाली (राजस्थान ) से इंडियन पेपर कटिंग आर्ट के कृष्णा राव ने शाला में आकर बच्चों को अनुपयोगी वस्तुओं से क्राफ्ट कला (हस्तकला ) के माध्यम से साज-सज्जा की वस्तुएं बनाना सीखाया । बच्चों ने भी अपने हाथों से इस कला से कई सामग्री बनाकर भी बताया । इस अवसर पर आकस्मिक निरीक्षण पर आएं अधिकारीगणों द्वारा भी इस शून्य निवेश नवाचारी उपयोगी गतिविधि हस्तकला कौशल की प्रशंसा की । प्रधानाध्यापक गोपाल कौशल ने कहा कि क्राफ्ट जैसी कलाओं से बच्चों में मानसिक एवं बौद्धिक दक्षता का विकास होता हैं ।
श्री कृष्णाराव ने बच्चों को कई सामग्री बनाना सिखाई जिसमें जैसे क्रिसमस पेड,रंगोली,फूल,आदि । श्री कृष्णा ने अपनी ओर से पेंसिल ड्राईंग बुक एवं न्यू एक्सप्रियंस आर्ट (समाज उपयोगी उत्पादन कार्य ) नि:शुल्क भेंट की , उपहार, कला पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठें |

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।