इतिहास की आशाएं 

Read Time0Seconds
mrudula sinha
इतिहास की कुछ आशाएं
हम से भी हैं
बीते को सँभालने का
कहानियों को गढ़ने का
जैसे गुजरता हो
एक एक दिन
वैसे ही गुजर जाती हैं
कई सदियां भी
इतिहास
जो गुजर जाता है
अपने अतीत
को खुद में ही दफ़न कर
कई युगों को खुद में शामिल कर
बीतता जाता है हर पल
और हर दिन गुजरते हुए
इतिहास रच जाता है
कुछ आशाएं उनकी भी है
उनके दौर को
उनके संघर्ष को
उनके रास्तों को
मंजिल तय करने के
दरम्यान आयी बाधाओं को
समेटने का
हर एहसास की जीवंत रखने का
ये आशाएं है सब संभालने का
ये हमसे ही हैं
बीते कल को यादों में रखने का
#मृदुला सिन्हा 
पटना (बिहार)
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

सुंदर मोढी

Tue Jun 11 , 2019
गरीब मां बाप की सुंदर मोढी अंधेरे में पल पल हुई बढ़ी मांग मांग कर कापी किताब चौथी कक्षा तक ही पढ़ी जैसे जैसे बीता साल बिटिया करती गई कमाल काम काज कर हुई सयानी रखती मां बाप का ख्याल पापा करते मेहनत मजदूरी पानी भरती मां बेचारी घर घर […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।