माँ का प्यार अनमोल

Read Time5Seconds
suman
माँ का प्यार है अनमोल
नही है उसका कोई मोल
माँ की ममता सब पर भारी
नही है उसका कोई तोल
कभी माँ बनकर तो
कहीं दोस्त बनकर
बच्चों को देती सहारा है
त्याग दया और मातृत्व से
भरा ये जीवन सारा है
दुनियां से लड़ जाती बच्चों के लिए
बच्चों से बढ़कर कुछ भी नही
बच्चों की खुशी में खुश हो जाना
कष्ट होने ओर दुखी ही जाती माँ
सच्चाई की राह दिखाती
ज्ञान का पाठ पढ़ाती माँ
जीवन में कठिन परिश्रम करना
बच्चों में हौंसला बढ़ाती माँ
घर सहेजती अभावों से लड़ती
बच्चों पे प्यार लुटाती माँ
ऊँचाई के शिखर पर
बस पहुंचे मेरे बच्चे
बस यही पाठ सिखाती माँ।
#सुमन अग्रवाल “सागरिका”
आगरा(उत्तरप्रदेश)

नाम :- सुमन अग्रवाल

पिता का नाम :- श्री रामजी लाल सिंघल
माता का नाम :- श्रीमती उर्मिला देवी
शिक्षा :-बी. ए.
व्यवसाय :- हाउस वाइफ
प्रकाशित रचनाएँ :- 
प्रकाशित रचनाओं का विवरण :-
1.अग्रवंश दर्पण :-“नारी सुरक्षा चूंक कहाँ “,  “महिला सशक्तिकरण “, “500-1000 के नोट बाय-बाय”, “दहेज प्रथा”, “अग्रप्रर्वतक महाराज अग्रसेन जी पर कविता” इत्यादि।
2.हिचकी :- “ये होली का त्यौहार”
3.D.L.A :- “आतंकवाद”, “बालदिवस”, “करवा चौथ”, आतंक का साया, “नववर्ष मुबारक”,  “राष्ट्रप्रेमी” इत्यादि।
4.नारी शक्ति सागर :- “ग़ज़ल”
5. वर्तमान अंकुर नोएडा :- “घर-परिवार, नारी शक्ति, भारतीय लोकतंत्र
साहित्य एक्सप्रेस में – नव संवत्सर
6.सहित्यापीडिया :- माँ
0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

पानी -पानी 

Mon May 13 , 2019
-जियाउर रहमान जाफ़री सबकी देखो यही कहानी सब कहते हैं  पानी -पानी है ये तो बरसात का मौसम बारिश वाली रात का मौसम माना बिजली चमक रही है बूंद एक न टपक रही      है बादल भी आकाश पे  छाता लेकिन फ़ौरन ही छट   जाता सूख रहे हैं        नदियाँ -नाले बहुत […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।