भाई

Read Time0Seconds

sachin
शिकवे और शिकायत का अबांर होता है,,
लेकिन भाईयों में गहरा प्यार होता है,,

भले ही कुछ बातों से मन में कड़वाहट आ जाए,
या कुछ बातों से चाहे सीना छलनी हो जाए,,
लेकिन बिगड़ी में भाई ही मदद्गाऱ होता है,
शिकवे और शिकायत का अबांर होता है,
लेकिन भाईयों में गहरा प्यार होता है,,

सब रिश्तों में कुछ ना कुछ पिछे छुट जाता है,,
भाई करे तरक्की तो भाई का मस्तक उठ जाता है,,
भाई के राज़ो का भाई ही पहरेदार होता है,,
शिकवे और शिकायत का अबांर होता है,,
लेकिन भाईयों में गहरा प्यार होता है,,

घर में दो बर्तन हो तो खड़का ही करते है,,
लेकिन भाई की तकलीफ़ में भाई ही मरते है,,
भाई के अहसासों का भाई ही वफादार होता है,,
शिकवे और शिकायत का अबांर होता है,,
लेकिन भाईयों में गहरा प्यार होता है,,

#सचिन राणा ” हीरो ” 
हरिद्वार(उत्तराखंड)

0 0

matruadmin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

जैसा करोगे वैसा ही पाओगे  

Tue Nov 27 , 2018
( तर्ज : किसी रहा पर किसी मोड़ पर ….) प्रभु के ध्यान में, गुरु के ज्ञान में, / रहता हूँ मै सदा ही मगन / प्रभु को नमन,गुरु को नमन / गुरु को नमन,प्रभु को नमन // जो प्रभु गुरु की करते है / सुबह शाम वो आराधना / […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।