गांधी और मेरे एहसास

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tarkesh ojha
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80 के दशक में जब गांधी फिल्म रिलीज हुई थी तब तक देश में बॉयोपिक
फिल्मों का दौर शुरू नहीं हुआ था। तत्कालीन युवा पीढ़ी के लिए फिल्में
देखना भी इतना सहज  नहीं था। चोरी – छिपे फिल्में देखने वाले युवकों की
पता चल जाने पर घर में मार – कुटाई होती थी। तब मैं छात्र था और इस फिल्म
को लेकर मेरे मन में भी भारी कौतूहल व्याप्त हो गया। आखिरकार फिल्म देखने
के लिए मैने एक तरकीब निकाली और अपने सख्त मिजाज स्वर्गीय पिता तक यह बात
पहुंचाई कि महात्मा गांधी पर फिल्म आई है जो टैक्स फ्री भी है। फिल्म
काफी भव्य है और इसे विदेशी लोगों बनाई है। तरकीब काम कर गई और पिताजी ने
भी फिल्म देखने की इच्छा जाहिर कर दी। यह गांधीजी का करिश्मा था जिसके
चलते जीवन में पहली और आखिरी बार मैने कोई फिल्म अपने पिताजी के साथ बैठ
कर देखी।

#तारकेश कुमार ओझा

लेखक पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में रहते हैं और वरिष्ठ पत्रकार हैं | तारकेश कुमार ओझा का निवास  भगवानपुर(खड़गपुर,जिला पश्चिम मेदिनीपुर) में है |

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।