सुनो

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sandhya

सुनो
एक पगली सी लड़की
तुम्हे बहुत चाहती है
तुम सिर्फ उस के हो
ये सोच के इतराती है
बेइंतहा कोई किसी को
चाहे ये मुमकिन तो नही
बस खूबसूरत से ख्यालों
में डूब जाती है
दर्द की हर एक
दास्तां वो तुम्हारे साथ
हो कर भूल जाती है
यूँ तो जमाने मे भला
कौन किसी का साथ देता है।
फिर भी ना जाने कौन सा
रिश्ता है जो वो तुमसे
निभाये जाती है।
गुमसुम सी रहती है
अपनी ही ख्यालों की
दुनियाँ में कही वो
एक प्यार का आशियाना
तुम्हारे दिल मे सजाये जाती है।
एक पगली सी लड़की
सोच के उन लम्हो को
वेवजह ही मुस्काये जाती है
गुम हो जाती है अपनी
सजायी इस दुनियाँ में
तुम्हे अपना हमसफ़र
वो बनाये जाती है
एक पगली सी लड़की
आज फिर वेवजह ही
क्यों ना जाने मुस्कुराये
जाती है।
कितनी मासूम है
उस की मुहब्बत की
बदले में वो तुम से
कुछ नही बस दो
मीठी प्यारे बोल
ही मांगे जाती है।
तुम ना समझोगे कभी
उस को ये वो भी
जानती है मगर
बस तुम्हे अपने
प्यार का अहसास
दिलाये जाती है।
वो पगली लड़की
बिन कुछ कहे
बिन कुछ सुने
एक नगमा
एक तरन्नुम सी
गाये जाती है।।

संध्या चतुर्वेदी
मथुरा उप

matruadmin

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डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’

29 अप्रैल, 1989 को मध्य प्रदेश के सेंधवा में पिता श्री सुरेश जैन व माता श्रीमती शोभा जैन के घर अर्पण का जन्म हुआ। उनकी एक छोटी बहन नेहल हैं। अर्पण जैन मध्यप्रदेश के धार जिले की तहसील कुक्षी में पले-बढ़े। आरंभिक शिक्षा कुक्षी के वर्धमान जैन हाईस्कूल और शा. बा. उ. मा. विद्यालय कुक्षी में हासिल की, तथा इंदौर में जाकर राजीव गाँधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अंतर्गत एसएटीएम महाविद्यालय से संगणक विज्ञान (कम्प्यूटर साइंस) में बेचलर ऑफ़ इंजीनियरिंग (बीई-कंप्यूटर साइंस) में स्नातक की पढ़ाई के साथ ही 11 जनवरी, 2010 को ‘सेन्स टेक्नोलॉजीस की शुरुआत की। अर्पण ने फ़ॉरेन ट्रेड में एमबीए किया तथा एम.जे. की पढ़ाई भी की। उसके बाद ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियाँ’ विषय पर अपना शोध कार्य करके पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने सॉफ़्टवेयर के व्यापार के साथ ही ख़बर हलचल वेब मीडिया की स्थापना की। वर्ष 2015 में शिखा जैन जी से उनका विवाह हुआ। वे मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं और हिन्दी ग्राम के संस्थापक भी हैं। डॉ. अर्पण जैन ने 11 लाख से अधिक लोगों के हस्ताक्षर हिन्दी में परिवर्तित करवाए, जिसके कारण वर्ल्ड बुक ऑफ़ रिकॉर्डस, लन्दन द्वारा विश्व कीर्तिमान प्रदान किया गया।