विश्व साक्षरता दिवस पर आयोजित ज्ञान रथ लोकार्पण कार्य क्रम आज दिनांक 8 सितंबर 2020 को सुबह दश बजे इंडियन लायंस गांधी नगर स्वर्णिम क्लब द्वारा आयोजित किया गया था जिस मे प्रमुख राधेश्याम यादव, उप प्रमुख डॉ गुलाब चंद पटेल, इंडियन लायंस गांधीनगर एडवोकेट कांति भाई पटेल, उप प्रमुख […]

🌹’ ‘ गुलों का हश्र है खिलकर मूरझा जाना किन्तु उसका फ़र्ज भी है , चमन को महका जाना ‘ ‘🌹 संस्थाके सभी साथियों ने अपना धर्म निभाया । बधाई हो ! 🌹👏🏻 महात्मा गांधी साहित्य सेवा संस्थान के अध्यक्ष श्री डॉ गुलाबचंदभाई पटेल और सभी साथियों ने नींव रखी […]

नहीं सोचा था ऎसा समय भी आएगा प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी जनता कर्फ्यू लाएंगे कोरों ना भगाए गे…… मीडिया के माध्यम से देश को जगाएंगे, भारत देश की सारी आबादी बचाएंगे कोरों ना भगाए गे.. साबुन लिक्विड से हाथ हम नहलाएंगे निश्चित रूप से कोविड उन्नीस को हराएंगे, कोविड उन्नीस […]

आद्य संपादक: स्व जेठलाल जोषी प्रबंध संपादक :श्री शरद जोषी अंक :अक्तूबर दिसंबर २०१९ समीक्षा : समीक्षक : डॉ गुलबचन्द पटेल गुर्जर राष्ट्र वीणा का दिसंबर २०१९ का सुंदर मुख पृष्ठ वाला अंक गुजरात के राष्ट्र तिरंगा के रंगो से छपे मेप और श्री नरेंद्र भाई जोषी संपादक की हिन्दी […]

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को जानकी नाथ बोस के यहा उड़ीसा में कटक शहर में हुआ था, उनके पिताजी वकील थे, माता का नाम प्रभात देवी था, 1913 मे उन्होने आर्ट्स कॉलेज की मे पढ़ाई की शुरुआत की और कलकता की प्रेसीडेंसी कॉलेज में दाखिला लिया, […]

बाल विशेषांक : दिसंबर २०१९ संगिनी हिन्दी पत्रिका का बाल विशेषांक देखते ही समझ गए की ये हल्लम हल्लम हाथी ,घमंडी सियार ,होम वर्कको छुट्टी दे दो ,व्यंजन बच्चो ने बनाए हे,वही मुख पृस्ठ पर एक सुंदर टेलेंटेड बच्चे की तस्वीर के साथ दिसंबर २०१९ का अंक प्राप्त हुआ । […]

Founder and CEO

Dr. Arpan Jain

डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ इन्दौर (म.प्र.) से खबर हलचल न्यूज के सम्पादक हैं, और पत्रकार होने के साथ-साथ शायर और स्तंभकार भी हैं। श्री जैन ने आंचलिक पत्रकारों पर ‘मेरे आंचलिक पत्रकार’ एवं साझा काव्य संग्रह ‘मातृभाषा एक युगमंच’ आदि पुस्तक भी लिखी है। अविचल ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज में स्त्री की पीड़ा, परिवेश का साहस और व्यवस्थाओं के खिलाफ तंज़ को बखूबी उकेरा है। इन्होंने आलेखों में ज़्यादातर पत्रकारिता का आधार आंचलिक पत्रकारिता को ही ज़्यादा लिखा है। यह मध्यप्रदेश के धार जिले की कुक्षी तहसील में पले-बढ़े और इंदौर को अपना कर्म क्षेत्र बनाया है। बेचलर ऑफ इंजीनियरिंग (कम्प्यूटर साइंस) करने के बाद एमबीए और एम.जे.की डिग्री हासिल की एवं ‘भारतीय पत्रकारिता और वैश्विक चुनौतियों’ पर शोध किया है। कई पत्रकार संगठनों में राष्ट्रीय स्तर की ज़िम्मेदारियों से नवाज़े जा चुके अर्पण जैन ‘अविचल’ भारत के २१ राज्यों में अपनी टीम का संचालन कर रहे हैं। पत्रकारों के लिए बनाया गया भारत का पहला सोशल नेटवर्क और पत्रकारिता का विकीपीडिया (www.IndianReporters.com) भी जैन द्वारा ही संचालित किया जा रहा है।लेखक डॉ. अर्पण जैन ‘अविचल’ मातृभाषा उन्नयन संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं तथा देश में हिन्दी भाषा के प्रचार हेतु हस्ताक्षर बदलो अभियान, भाषा समन्वय आदि का संचालन कर रहे हैं।